
फिल्लौर: फिल्लौर के नजदीकी गांव में अजीबो-गरीब मामला सामने आया जिस में 45 से 50 वर्ष की आयु के व्यक्ति के अपनी ही आयु की औरत से संबंध बन गए। महिला गर्भवती हो गई, 2 सप्ताह पहले लड़की को जन्म दिया जिसे दोनों ने अपनाने को मना कर दिया क्योंकि दोनों पहले से शादीशुदा हैं और दोनों के बच्चे भी हैं। अब मामले को लिव इन रिलेशन का रूप देकर दबाने की कोशिश की जा रही है।
प्राप्त सूचना के अनुसार नजदीकी गांव चक्क साबू की एक जरूरतमंद महिला को पैसों की जरूरत पड़ गई। उसका पति काम के संबंध में विदेश गया हुआ है, पीछे उसकी पत्नी अपनी 16 वर्षीय बेटी और सास के साथ घर में रह रही थी। उसने नजदीकी गांव अपरा के एक व्यक्ति से संपर्क किया जो ब्याज पर रुपए देता है। उससे ब्याज पर 3 लाख रुपए अपनी एक जमीन रखकर ले लिए। यह भी पता चला है कि औरत ने जो रकम ब्याज पर ली थी वह पूरी वापस भी कर दी है। परंतु व्यक्ति ने समय पर ब्याज न चुका पाने के कारण रकम दोगुनी कर दी और औरत की इसी मजबूरी का फायदा उठाकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाने शुरू कर दिए, जिससे महिला गर्भवती हो गई।
महिला को कुछ महीने बाद जाकर पता चला तो दोनों ने डाक्टरों के पास जाकर गर्भपात करवाने की बात की। दोनों पति-पत्नी नहीं थे जिसके चलते डाक्टरों ने गर्भपात करने से मना कर दिया। गर्भवती महिला ने जालंधर के एक अस्पताल में लड़की को जन्म दिया। लड़की के पैदा होते ही दोनों ने उसे अपनाने से मना कर दिया और किसी को गोद देकर चुपचाप गांव में आकर रहने लग पड़े। एक समाजसेवी ने पूरे मामले की शिकायत नवजन्मी बच्ची को इंसाफ दिलवाने के लिए पुलिस के पास की। उसका कहना था कि पहले गैर कानूनी संबंध बनाए फिर एक बच्चे को दुनिया में लाए जिसे बाद में किसी और को गोद दे दिया।
इस संबंध में जब थाना प्रभारी भूषण कुमार से बात की तो उन्होंने बताया कि मामला उनके ध्यान में आ चुका है। 21 अगस्त को महिला ने लड़की को जालंधर के अस्पताल में जन्म दिया। मात्र 5 दिन बाद ही उसे दूसरे परिवार को गोद दे दिया गया। इस प्रक्रिया में कानून का कोई पालन नहीं हुआ क्योंकि नवजात बच्चे को गोद देने से पहले बाकायदा एक कमेटी बैठाई जाती है। थाना प्रभारी ने बताया कि महिला ने कहा कि वह और व्यक्ति दोनों लिव इन रिलेशन में अपनी मर्जी से रह रहे थे जिसमें वह गर्भवती हो गई। गोद देने की प्रक्रिया के वह दस्तावेज भी उन्हें देकर गई है।
