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बैतूल के लिए गर्व का क्षण — मोहन नागर को मिलेगा पद्मश्री सम्मान

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बैतूल।जिले के लिए यह अत्यंत गौरव का क्षण है कि सामाजिक, सांस्कृतिक और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले मोहन नागर को वर्ष 2026 का पद्मश्री पुरस्कार प्रदान किया जाएगा।

भारत सरकार ने गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर पद्म पुरस्कारों की घोषणा की, जिसमें मोहन नागर का नाम शामिल किया गया है। यह सम्मान उन्हें पर्यावरण और जल संरक्षण के क्षेत्र में किए गए उल्लेखनीय योगदान के लिए दिया जा रहा है।

 

मोहन नागर पिछले तीन दशकों से भारत भारती शिक्षा संस्थान, बैतूल से जुड़े हैं और वर्तमान में मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद में उपाध्यक्ष के पद पर कार्यरत हैं। उनके नेतृत्व में जिले में जल संरक्षण, नदी पुनर्जीवन और सामाजिक चेतना से जुड़े अनेक नवाचार सफलतापूर्वक संचालित हुए हैं।

 

उन्हें इससे पूर्व भी राष्ट्रीय स्तर पर कई पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है—

 

* 2019 में राष्ट्रीय “जल प्रहरी” सम्मान (दिल्ली)

* 2020 में “वाटर हीरो” सम्मान (जल शक्ति मंत्रालय, भारत सरकार)

* मध्यप्रदेश शासन का “गोपाल पुरस्कार”

* राज्य साहित्य अकादमी द्वारा उनकी काव्य कृति “चातुर्मास” के लिए दुष्यंत कुमार साहित्य अकादमी पुरस्कार

* भूगर्भ जल संरक्षण हेतु भाऊराव देवरस राष्ट्रीय पुरस्कार

 

मोहन नागर वर्तमान में नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विश्वविद्यालय, जबलपुर के प्रबंधन मंडल तथा मध्यप्रदेश वाइल्ड लाइफ बोर्ड के सदस्य भी हैं।

 

उनके इस सम्मान से बैतूल जिले के नागरिकों और भारत भारती परिवार में हर्ष की लहर है। यह उपलब्धि न केवल जिले के लिए, बल्कि समूचे मध्यप्रदेश के लिए गौरव का विषय है।

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