Logo
ब्रेकिंग
बैतूल: शराब दुकानों के टेंडर में लापरवाही, जिला आबकारी अधिकारी अंशुमन सिंह चिढ़ार निलंबित बैतूल जिले की नगरपालिकाओं में एल्डरमैन नियुक्त VIDEO :Fire 🔥 on highway बैतूल भोपाल हाइवे पर ट्राला पलटा,लगी आग The court's decision शादी में चाकू बाजी में हुई हत्या के दोषियों को उम्रकैद अंतर्राज्यीय बाइक चोर पकड़ाया, भैंसदेही पुलिस ने जंगल में छिपाकर रखी बाइकें बरामद भाजपा नेता की जमीन नपवाने गए राजस्व, पुलिस अमले पर हमला बैतूल में हेलमेट चेकिंग अभियान: 14 कर्मचारियों पर जुर्माना, प्रशासन की सख्ती बढ़ी शनिवार बैतूल आयेंगे सीएम मोहन यादव,सुरभि खण्डेलवाल को अर्पित करेंगे श्रद्धा सुमन India Heatwave Alert: कई राज्यों में 40°C पार, IMD की बड़ी चेतावनी चार साल की जैनब ने रखा रोजा। आत्मसंयम,सब्र,अनुशासन का दिया संदेश
Header Ad

दुष्कर्म मामले में पूर्व एल्डरमैन रमेश गुलहाने को उम्रकैद, DNA से भी पुष्टि

0

बैतूल में दो साल पहले एक नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी पूर्व एल्डरमैन और भाजपा नेता रहे रमेश गुलहाने को स्पेशल पॉक्सो अदालत ने उम्र कैद की सजा सुनाई है।जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र में यह मामला वर्ष 2023 में दर्ज हुआ था। पुलिस के अनुसार, 12 वर्ष से कम आयु की बालिका ने शिकायत दर्ज कराई थी कि भाजपा नेता रमेश गुल्हाने ने उसे कई बार अपने घर बुलाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। आरोपी बालिका को पैसे देकर चुप रहने की धमकी देता था। बालिका के परिजनों को जब इसकी जानकारी हुई, तो उन्होंने कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई। घटना की पुष्टि डीएनए रिपोर्ट से भी हुई।

 

पुलिस ने रमेश गुल्हाने के खिलाफ धारा 376(1), 376(2)(एन), 376(3) और पाक्सो एक्ट की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया था। बाद में उसने कोतवाली पुलिस के समक्ष सरेंडर किया। मेडिकल परीक्षण और दस्तावेजी कार्रवाई के बाद उसे विशेष पाक्सो कोर्ट में पेश किया गया। अदालत में उसकी ओर से जमानत आवेदन नहीं दिया गया, जिसके बाद उसे जेल भेजने का आदेश हुआ।

विशेष पाक्सो न्यायालय बैतूल ने सुनवाई के बाद आरोपी रमेश गुल्हाने पिता नामदेव गुल्हाने, (74) को दोषी ठहराया। न्यायालय ने उसे धारा 5(एल)/6 पाक्सो एक्ट एवं समाहित धारा 376(2)(एन) भादंवि के तहत आजीवन कारावास, जो उसके शेष प्राकृतिक जीवनकाल तक रहेगा, से दंडित किया। इसके साथ ही उसे 10,000 रुपये के जुर्माने का भी आदेश दिया गया। अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक वंदना शिवहरे ने पैरवी की।

 

इस बीच, दुष्कर्म की घटना के बाद हुए बलवे के मामले में पुलिस ने 10 युवकों को गिरफ्तार किया था। आरोपियों पर धारा 294, 147, 149, 353, 332, 452, 427, 435, 336, 148 आईपीसी के तहत बलवा, आगजनी और शासकीय कार्य में बाधा जैसे गंभीर आरोप लगाए गए थे।

 

अभियोजन ने बताया कि यह मामला सरकार द्वारा जघन्य और सनसनीखेज प्रकरणों के रूप में सूचीबद्ध किया गया था। अदालत ने अभियोजन के तर्कों और सबूतों को युक्तिसंगत मानते हुए आरोपी को दोषी पाया और यह सख्त सजा सुनाई।

Leave A Reply

Your email address will not be published.