
बैतूल। वर्ष 2026-27 की आबकारी नीति के तहत शराब दुकानों के निष्पादन में लापरवाही सामने आने पर बड़ी कार्रवाई की गई है। आबकारी आयुक्त ग्वालियर दीपक कुमार सक्सेना ने बैतूल के जिला आबकारी अधिकारी अंशुमन सिंह चिढ़ार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
जारी आदेश में कहा गया है कि जिले में शराब दुकानों की नीलामी प्रक्रिया अपेक्षित रूप से पूरी नहीं हो सकी, जिससे शासन के राजस्व हित प्रभावित हुए। इसी के चलते मध्यप्रदेश सिविल सेवा नियमों के तहत यह कार्रवाई की गई है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय संभागीय आबकारी कार्यालय भोपाल निर्धारित किया गया है।

जानकारी के अनुसार बैतूल जिले में कुल 61 शराब दुकानें हैं, जिनमें से 8 दुकानें अब तक नीलाम नहीं हो पाई हैं। इनमें बैतूल बाजार की 2 दुकानें, बैतूल गंज, आमला बस स्टैंड, भैंसदेही की 2 दुकानें, सारणी नंबर-1 और बागडोना शामिल हैं। इन दुकानों की कीमत अधिक होने के कारण ठेकेदारों ने रुचि नहीं दिखाई।
सूत्रों के मुताबिक, पहले दुकानों के समूह बनाए गए थे, लेकिन समूह निर्धारण में गड़बड़ी रही। कई दुकानों को 30-30 किलोमीटर दूर जोड़कर समूह बना दिए गए, जिससे संचालन मुश्किल हो गया। बाद में समूह तोड़ने पर छोटी दुकानें तो नीलाम हो गईं, लेकिन महंगी दुकानें अब भी खाली हैं।
इस कार्रवाई के बाद आबकारी विभाग में हड़कंप मच गया है। अब शेष दुकानों की नीलामी के लिए विभाग नई रणनीति पर काम कर रहा है।
