Logo
ब्रेकिंग
फोन नहीं उठाते सीईओ,मीडियाकर्मियों में नाराजगी,ज्ञापन सौंपा Ola Uber Ban Chandigarh: ओला-उबर के लाइसेंस रद्द होने के बाद शुरू हुई 'भारत टैक्सी', जानिए यात्रियों... Haryana News: लगातार चौथी बार देश में अव्वल रही करनाल शुगर मिल, केंद्रीय मंत्रियों ने दी प्रतिष्ठित ... NCC DG Team Selection: हरियाणा के होनहार शूटर विजयन्त ढाण्डा ने बढ़ाया राज्य का मान, देश के टॉप-12 शू... Haryana Road Mishap: नूंह सड़क हादसे में चार लोगों की मौत, पत्नी गंभीर रूप से घायल; पुलिस जांच में ज... Haryana Crime News: पानीपत में اغवा हुआ बच्चा बरामद, एक लाख में बेचने की थी डील; पुलिस ने दो को दबोच... Gurnam Singh Chaduni Mahapanchayat: धान खरीद की मांग पर अड़े किसान, हाईवे पर बीती रात; आज होगी बड़ी ... Patna Mithila Colony Incident: दानापुर में खूनी संघर्ष, शादी से पहले सिपाही भाई ने की आत्महत्या, पुल... Delhi Demolition News: शालीमार बाग मैक्स अस्पताल रोड पर देर रात चला पीला पंजा; भारी पुलिस बल तैनात, ... Monsoon Update 2026: मॉनसून की विदाई के बीच बिगड़ेगा मौसम; मध्य प्रदेश, ओडिशा और पूर्वोत्तर में भारी...
Header Ad

बेजुबान के लिए इंसानियत: झुलसे बंदर को युवकों ने गोद में बैठाकर 35 किमी दूर पहुंचाया अस्पताल

0

बैतूल/आठनेर। इंसानियत की मिसाल पेश करते हुए कुछ युवकों ने गंभीर रूप से झुलसे एक बंदर की जान बचाने के लिए पूरी ताकत लगा दी। घटना अम्मा जी दरगाह के पास दुर्गा ताइवान इलाके की है, जहां बस स्टैंड के पास बिजली के पोल पर बैठे काले मुंह के बंदर को शॉर्ट सर्किट लग गया और वह बुरी तरह झुलसकर नीचे गिर पड़ा।

रास्ते से गुजर रहे फल व्यवसाई दुर्गादास तायवादे ने तुरंत उसे रेस्क्यू किया।

 

मौके पर मौजूद नगरपालिका कर्मचारी सुनील सोनकर ड्यूटी पर जा रहे थे। उन्होंने तुरंत समाजसेवी युवकों को सूचना दी। इसके बाद लोकेश सोनी, चंदन वाघमारे, राजेश और सुनील सोनकर मौके पर पहुंचे और बंदर को उठाकर इलाज के लिए पशु चिकित्सा विभाग ले गए।

 

आठनेर के पशु चिकित्सालय में प्राथमिक उपचार के तहत दो इंजेक्शन लगाए गए, लेकिन हालत गंभीर होने के चलते बंदर को बैतूल रेफर कर दिया गया। युवकों ने सरकारी वाहन की मांग की, लेकिन ड्राइवर उपलब्ध न होने की बात कहकर मना कर दिया गया। इसके बाद युवकों ने अपने निजी वाहन (स्कार्पियो) से ही बंदर को गोद में बैठाकर करीब 35 किलोमीटर दूर बैतूल पहुंचाया।

 

बैतूल में पशु चिकित्सक डॉ. मृदुला सिन्हा ने बंदर का परीक्षण किया और वन विभाग को सूचना दी। जांच में सामने आया कि बंदर के उल्टे हाथ की कलाई पूरी तरह झुलस चुकी है, मांस और त्वचा जल गई है और हड्डियां भी टूट गई हैं। इसके अलावा पेट का बड़ा हिस्सा भी गंभीर रूप से झुलस गया है।

 

स्थिति गंभीर देखते हुए बंदर को आगे उपचार के लिए वन विहार रेफर किया गया है। वन विभाग के वनरक्षक अविनाश मौके पर पहुंचे और आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है।

 

युवकों ने इलाज में देरी को लेकर सीएम हेल्पलाइन पर भी शिकायत दर्ज कराई है। इस पूरे घटनाक्रम में युवकों का एक बेजुबान जानवर के प्रति समर्पण और संवेदनशीलता लोगों के लिए प्रेरणा बनकर सामने आई है।

https://mpforest.gov.in/

Leave A Reply

Your email address will not be published.