
बैतूल/आठनेर। इंसानियत की मिसाल पेश करते हुए कुछ युवकों ने गंभीर रूप से झुलसे एक बंदर की जान बचाने के लिए पूरी ताकत लगा दी। घटना अम्मा जी दरगाह के पास दुर्गा ताइवान इलाके की है, जहां बस स्टैंड के पास बिजली के पोल पर बैठे काले मुंह के बंदर को शॉर्ट सर्किट लग गया और वह बुरी तरह झुलसकर नीचे गिर पड़ा।
रास्ते से गुजर रहे फल व्यवसाई दुर्गादास तायवादे ने तुरंत उसे रेस्क्यू किया।
मौके पर मौजूद नगरपालिका कर्मचारी सुनील सोनकर ड्यूटी पर जा रहे थे। उन्होंने तुरंत समाजसेवी युवकों को सूचना दी। इसके बाद लोकेश सोनी, चंदन वाघमारे, राजेश और सुनील सोनकर मौके पर पहुंचे और बंदर को उठाकर इलाज के लिए पशु चिकित्सा विभाग ले गए।
आठनेर के पशु चिकित्सालय में प्राथमिक उपचार के तहत दो इंजेक्शन लगाए गए, लेकिन हालत गंभीर होने के चलते बंदर को बैतूल रेफर कर दिया गया। युवकों ने सरकारी वाहन की मांग की, लेकिन ड्राइवर उपलब्ध न होने की बात कहकर मना कर दिया गया। इसके बाद युवकों ने अपने निजी वाहन (स्कार्पियो) से ही बंदर को गोद में बैठाकर करीब 35 किलोमीटर दूर बैतूल पहुंचाया।
बैतूल में पशु चिकित्सक डॉ. मृदुला सिन्हा ने बंदर का परीक्षण किया और वन विभाग को सूचना दी। जांच में सामने आया कि बंदर के उल्टे हाथ की कलाई पूरी तरह झुलस चुकी है, मांस और त्वचा जल गई है और हड्डियां भी टूट गई हैं। इसके अलावा पेट का बड़ा हिस्सा भी गंभीर रूप से झुलस गया है।
स्थिति गंभीर देखते हुए बंदर को आगे उपचार के लिए वन विहार रेफर किया गया है। वन विभाग के वनरक्षक अविनाश मौके पर पहुंचे और आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है।
युवकों ने इलाज में देरी को लेकर सीएम हेल्पलाइन पर भी शिकायत दर्ज कराई है। इस पूरे घटनाक्रम में युवकों का एक बेजुबान जानवर के प्रति समर्पण और संवेदनशीलता लोगों के लिए प्रेरणा बनकर सामने आई है।
