Logo
ब्रेकिंग
15 दिन तक कुएं में फंसा रहा खतरनाक रसेल वाइपर, कैरेट के सहारे हुआ सफल रेस्क्यू एनसीसी बॉयज़ भर्ती में 49 कैडेट चयनित, फिजिकल और लिखित परीक्षा के बाद बनी मेरिट 40 अपराधों वाले हिस्ट्रीशीटर भीम पर ₹10 हजार का इनाम, पुलिस ने तेज की तलाश,पेट्रोल पंप काण्ड में भी ... रात की बारिश में खोलने पड़े सतपुड़ा के 7 गेट, झरने बह निकले बारिश में ढही दीवार ,दबने से मजदूर की मौत ।बैतूल में 93.4 mm बारिश घर में सो रहा था मासूम,जाने क्या हुआ चली गई जान? नजर आया था जहरीला सांप पर काटने के निशान नहीं मिले 5 लाख की चोरी का दूसरा आरोपी भी दबोचा, ₹10 हजार का इनामी निकला आदतन नकबजन लल्ली चौक का बदलेगा लुक, लगेगा क्लॉक टावर, नगर पालिका बिल्डिंग का पुराना स्वरूप संवरेगा बेंगलुरु से लौट रहे बिहारी युवक की ट्रेन में गई जान, जीआरपी ने किया था रेस्क्यू बैतूल: कोबरा से भी ज्यादा जहरीला कॉमन करैत मकान में निकला, सर्पमित्र ने सुरक्षित किया रेस्क्यू
Header Ad

दुष्कर्म मामले में पूर्व एल्डरमैन रमेश गुलहाने को उम्रकैद, DNA से भी पुष्टि

0

बैतूल में दो साल पहले एक नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी पूर्व एल्डरमैन और भाजपा नेता रहे रमेश गुलहाने को स्पेशल पॉक्सो अदालत ने उम्र कैद की सजा सुनाई है।जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र में यह मामला वर्ष 2023 में दर्ज हुआ था। पुलिस के अनुसार, 12 वर्ष से कम आयु की बालिका ने शिकायत दर्ज कराई थी कि भाजपा नेता रमेश गुल्हाने ने उसे कई बार अपने घर बुलाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। आरोपी बालिका को पैसे देकर चुप रहने की धमकी देता था। बालिका के परिजनों को जब इसकी जानकारी हुई, तो उन्होंने कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई। घटना की पुष्टि डीएनए रिपोर्ट से भी हुई।

 

पुलिस ने रमेश गुल्हाने के खिलाफ धारा 376(1), 376(2)(एन), 376(3) और पाक्सो एक्ट की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया था। बाद में उसने कोतवाली पुलिस के समक्ष सरेंडर किया। मेडिकल परीक्षण और दस्तावेजी कार्रवाई के बाद उसे विशेष पाक्सो कोर्ट में पेश किया गया। अदालत में उसकी ओर से जमानत आवेदन नहीं दिया गया, जिसके बाद उसे जेल भेजने का आदेश हुआ।

विशेष पाक्सो न्यायालय बैतूल ने सुनवाई के बाद आरोपी रमेश गुल्हाने पिता नामदेव गुल्हाने, (74) को दोषी ठहराया। न्यायालय ने उसे धारा 5(एल)/6 पाक्सो एक्ट एवं समाहित धारा 376(2)(एन) भादंवि के तहत आजीवन कारावास, जो उसके शेष प्राकृतिक जीवनकाल तक रहेगा, से दंडित किया। इसके साथ ही उसे 10,000 रुपये के जुर्माने का भी आदेश दिया गया। अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक वंदना शिवहरे ने पैरवी की।

 

इस बीच, दुष्कर्म की घटना के बाद हुए बलवे के मामले में पुलिस ने 10 युवकों को गिरफ्तार किया था। आरोपियों पर धारा 294, 147, 149, 353, 332, 452, 427, 435, 336, 148 आईपीसी के तहत बलवा, आगजनी और शासकीय कार्य में बाधा जैसे गंभीर आरोप लगाए गए थे।

 

अभियोजन ने बताया कि यह मामला सरकार द्वारा जघन्य और सनसनीखेज प्रकरणों के रूप में सूचीबद्ध किया गया था। अदालत ने अभियोजन के तर्कों और सबूतों को युक्तिसंगत मानते हुए आरोपी को दोषी पाया और यह सख्त सजा सुनाई।

Leave A Reply

Your email address will not be published.