
बैतूल। घर और समाज की नींव को मजबूत बनाने की दिशा में श्री रूकमणि बालाजी मंदिर, बालाजीपुरम से एक नई पहल की शुरुआत की गई है। यहां महिलाओं की पारिवारिक और सामाजिक भूमिका को सम्मान देने के उद्देश्य से “जयदेवी गृहलक्ष्मी पुरस्कार — द जूडी अवॉर्ड” शुरू किया गया है। इस अवॉर्ड के तहत उस “संपूर्ण नारी” को एक लाख रुपये का सम्मान दिया जाएगा जो अपने परिवार और समाज को एकजुट कर चलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
इस सम्मान की घोषणा रविवार को बालाजीपुरम में आयोजित “परिवार परिचर्चा” में की गई। कार्यक्रम में समाजसेवी सुनील द्विवेदी ने बताया कि यह पुरस्कार बालाजीपुरम संस्थापक सेम वर्मा की धर्मपत्नी जयदेवी वर्मा के नाम पर में दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में परिवारों में बढ़ती टूटन और आपसी दूरियां समाज और राष्ट्र के लिए चुनौती बन गई हैं, ऐसे में गृहलक्ष्मी को संस्कारित और सम्मानित करना समय की जरूरत है।
परिचर्चा में वक्ताओं ने कहा कि जब परिवार की स्त्री सशक्त और संस्कारित होती है, तभी परिवार, समाज और राष्ट्र मजबूत होते हैं। इस दौरान निर्णय लिया गया कि “द जूडी अवॉर्ड” का पहला सम्मान आगामी 11 नवंबर को बालाजीपुरम में आयोजित “जयदेवी उत्सव” में प्रदान किया जाएगा।
कार्यक्रम में रितेश शुक्ला, डॉ. कैलाश वर्मा, मंजू दीदी, दिनेश सोनी, कौशलेश तिवारी, नरेंद्र शुक्ला, सीमा चौरिया, शैलेंद्र बिहारिया, धीरज बोथरा सहित जिले के कई सामाजिक प्रतिनिधि और संस्थानों के प्रमुख उपस्थित रहे।
