
एयरफोर्स में चयनित मोहित की जीजा और चेचेरे भाईयों ने कर दी हत्या, जमीन हड़पने की लालच, पुरानी रंजिश और एयरफोर्स में चयन से जलन बनी हत्या की वजह।
बैतूल: 26 जुलाई को भारतीय वायुसेना की Agniveervayu (Personnel Below Officer Rank-PBOR) भर्ती प्रक्रिया के तहत परीक्षा देने जाने वाला 20 वर्षीय मोहित गलफट अब कभी वर्दी नहीं पहन सकेगा। परीक्षा के लिए रवाना होने से एक रात पहले उसने गांव के मंदिर में पूजा-अर्चना की, प्रसाद चढ़ाया और ग्रामीणों में सोनपापड़ी बांटकर अपनी खुशी साझा की। लेकिन उसी रात सुनियोजित साजिश के तहत उसकी हत्या कर शव कुएं में फेंक दिया गया।
करीब 10 दिन तक गुमशुदगी और हत्या की गुत्थी बनी रही इस सनसनीखेज मामले का बैतूल पुलिस ने खुलासा करते हुए मृतक के जीजा राजा मस्की, चचेरे भाई संजय उर्फ पिंटिया गलफट और आकाश गलफट को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक हत्या की साजिश करीब 20 दिन पहले रची गई थी।
एयरफोर्स में चयन बना हत्या की वजह
जांच में सामने आया कि मोहित का चयन भारतीय वायुसेना की Agniveervayu (PBOR) भर्ती प्रक्रिया के लिए हुआ था। 26 जुलाई को उसे भर्ती परीक्षा के लिए रवाना होना था। आरोपियों को आशंका थी कि यदि मोहित वायुसेना में भर्ती हो गया तो आर्थिक और सामाजिक रूप से मजबूत हो जाएगा तथा भविष्य में उनकी जमीन हड़पने की योजना कभी सफल नहीं होगी। इसी कारण उन्होंने तय समय से पहले ही हत्या की साजिश को अंजाम देने का फैसला किया।
जमीन की लालच और पुरानी रंजिश
पुलिस जांच के अनुसार मोहित की बहन शिवानी ने राजा मस्की से प्रेम विवाह किया था। इसके बाद राजा मस्की की नजर अपने ससुर मंचित गलफट की करीब 7-8 एकड़ कृषि भूमि पर थी। उसे लगता था कि यदि मोहित रास्ते से हट जाएगा तो भविष्य में पत्नी के माध्यम से जमीन उसके कब्जे में आ सकती है।
दूसरी ओर चचेरे भाई संजय और आकाश के परिवार का भी खेत, सिंचाई, पाइपलाइन और कुएं के पानी को लेकर वर्षों से विवाद चला आ रहा था। पुलिस के अनुसार जांच में यह तथ्य भी सामने आया है कि आकाश के पिता नारायण ने भी दोनों को मोहित को रास्ते से हटाने के लिए उकसाया था। इस पहलू की विधिसम्मत जांच अभी जारी है।
मंदिर से लौटते ही मौत के जाल में फंसा
25 जुलाई की रात मोहित मंदिर में पूजा कर प्रसाद और मिठाई बांटकर घर लौट रहा था। इसी दौरान संजय और आकाश उसे दूसरे मंदिर चलने का बहाना बनाकर खेत स्थित झोपड़ी तक ले गए, जहां राजा मस्की पहले से मौजूद था।
झोपड़ी में पहुंचते ही तीनों ने उसे दबोच लिया। पुलिस के अनुसार संजय और राजा ने उसके हाथ पकड़ लिए, जबकि आकाश ने एल्यूमीनियम केबल उसके गले में कई बार लपेटकर कस दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
हत्या के बाद शव कुएं में फेंका
हत्या के बाद आरोपियों ने शव को बोरी में भरकर खेत के तीसरे कुएं में फेंक दिया। पुलिस को गुमराह करने के लिए मृतक के जूते दूसरे कुएं के पास फेंके गए और संघर्ष के निशान पहले कुएं के पास छोड़े गए, ताकि मामला दुर्घटना या गुमशुदगी जैसा लगे। हत्या के दौरान मृतक का मोबाइल झोपड़ी में ही छूट गया, जो जांच का सबसे अहम साक्ष्य बना।
फोरेंसिक जांच में मिले महत्वपूर्ण सुराग
सीन ऑफ क्राइम एक्सपर्ट निरीक्षक आबिद अंसारी के प्रारंभिक निरीक्षण में मृतक के गले में करीब चार फीट लंबा एल्यूमीनियम केबल लिपटा मिला। घटनास्थल से एक खाली बोरी, अलग-अलग स्थानों पर रस्सियां तथा मृतक का मोबाइल भी बरामद हुआ।
घटनास्थल की परिस्थितियों के आधार पर प्रारंभिक आकलन में यह आशंका जताई गई कि पहले युवक की हत्या की गई, फिर शव को बोरी में भरकर कुएं में फेंका गया। जिस कुएं से शव मिला, उसमें पानी ऊपर तक भरा था। यह भी आशंका व्यक्त की गई कि परिजनों और ग्रामीणों द्वारा तलाश के दौरान बार-बार कांटा डालने से शव बोरी से बाहर निकल गया होगा। हालांकि इन सभी बिंदुओं की अंतिम पुष्टि पुलिस जांच और फोरेंसिक रिपोर्ट के बाद ही होगी।
लूडो खेलकर बनाया फर्जी अलिबी
आरोपियों ने पुलिस को बताया कि रात 9:30 बजे से 11 बजे तक वे पांच लोगों के साथ मोबाइल पर लूडो खेल रहे थे, इसलिए हत्या में शामिल नहीं हो सकते। लेकिन वैज्ञानिक विवेचना, मोबाइल डेटा और टाइमलाइन की जांच में पुलिस ने उनकी कहानी झूठी साबित कर दी।
जांच में पता चला कि रात 9:30 बजे से पहले ही मोहित की हत्या कर दी गई थी।इसके बाद आरोपी गांव लौटे और करीब एक घंटे तक मोबाइल पर लूडो खेलते रहे, ताकि अपने लिए फर्जी अलिबी तैयार कर सकें। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि जिस गेम में पांच लोगों के शामिल होने का दावा किया गया था, उसमें वास्तव में केवल चार लोग ही जुड़े थे।
वैज्ञानिक जांच ने खोली साजिश
मोबाइल लोकेशन, तकनीकी साक्ष्य, घटनास्थल से मिले भौतिक प्रमाण, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, एसडीआरएफ की तलाशी और आरोपियों के मेमोरेंडम के आधार पर पुलिस ने पूरे षड्यंत्र का खुलासा किया। पोस्टमार्टम में गला घोंटकर हत्या की पुष्टि होने के बाद हत्या की धाराएं बढ़ाई गईं।
पुलिस ने इस मामले में राजा मस्की, संजय उर्फ पिंटिया गलफट और आकाश गलफट को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है। वहीं अन्य संभावित संलिप्त व्यक्तियों की भूमिका की जांच अभी जारी है।
