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16 दिन बाद खुला मयाली-छेंनागाड़-गुप्तकाशी मार्ग, बादल फटने से हुआ था तहस-नहस

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उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में मयाली-छेंनागाड़-गुप्तकाशी मोटर मार्ग 16 दिन बाद आज एक बार फिर खुल गया है. स्टेट हाईवे मयाली- छेंनागाड़-गुप्तकाशी छोटे वाहनों के लिए खोला गया है. अब लोग यहां आसानी से आ और जा पाएंगे. यातायात सुचारू हो सकेगा. इसको खोलना बहुत बड़ी चुनौती थी, लेकिन चुनौती से पार पा लिया गया है और इसे छोटे वाहनों के लिए खोल दिया गया है.

रुद्रप्रयाग जनपद के जखोली विकास खण्ड के तहसील बसुकेदार क्षेत्र में 28 अगस्त को तड़के 3 बजे मूसलाधार बारिश और बादल फटने के बाद पूरा क्षेत्र तहस नहस हो गया था. यहां तक कि पैदल रास्ते भी आपदा प्रभावित गांवों तक जाने के लिए नहीं बचे थे. लोगों ने जान बचाने के लिए अपने घर छोड़ दिए थे. आपदा में कई लोगों के घर पूरी तरह से छतिग्रस्त हो गये थे. कई लोगों के घरों में दरारे आ गईं थी.

केंद्र सरकार ने दिए 1200 करोड़

लोगों ने सरकारी स्कूलों में शरण ले रखी थी. जिला प्रशासन ने लगातार लोगों की मदद के लिए हाथ आगे बढ़ाए. अन्य प्रदेशों ने भी मदद की. वहीं केंद्र सरकार की टीम भी आपदा प्रभावित गांवों का दौरा करने पहुंची. फिर अपनी रिर्पोट केंद्र सरकार को भेजी. इसके बाद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने उत्तराखंड को 1200 करोड़ रुपये का आपदा राहत बजट दिया.

लोगों को हो गई राहत

केंद्र सरकार की ओर से दिया गया ये पैसा कई मदों में खर्च किया जाएगा. बता दें कि मूसलाधार बारिश और बादल फटने के बाद ही स्टेट हाईवे मयाली-छेंनागाड़-गुप्तकाशी पूरी तरह से तहस-नहस हो गया था. लोगों और प्रसव पीड़ा वाली महिलाओं को हेलीकाप्टर के माध्यम से रेसक्यू किया गया था. हालांकि ये मार्ग एक बार फिर खोल दिया गया है, जो लोगों के लिए राहत भरी खबर है.

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