
दो दिन पहले पानी में मिली लाश निकली हत्या: अवैध संबंधों के विवाद में गमछे से गला घोंटकर युवक की हत्या, शव पानी में फेंककर दुर्घटना दिखाने की कोशिश
बैतूल। साँईखेड़ा थाना क्षेत्र के ग्राम धाबला में दो दिन पहले पानी से भरी खंती में मिली लाश के मामले का पुलिस ने सोमवार को सनसनीखेज खुलासा कर दिया। जिस मौत को शुरुआत में पानी में डूबने से हुई दुर्घटना माना जा रहा था, वह दरअसल सुनियोजित हत्या निकली। पुलिस ने मामले में गांव के ही एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने अवैध संबंधों को लेकर चली आ रही रंजिश में गमछे से गला घोंटकर हत्या की और जुर्म छिपाने के लिए शव को पानी में फेंक दिया, ताकि मामला डूबने से मौत का लगे। लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने पूरी साजिश का पर्दाफाश कर दिया।
पुलिस अधीक्षक वीरेन्द्र जैन ने बताया कि 31 जुलाई को ग्राम धाबला निवासी 47 वर्षीय लालू पिता गंजू धुर्वे का शव नामदेव फाटे के खेत के पास पानी से भरी खंती में मिला था। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतक की हायॉइड बोन (गले की हड्डी) टूटी हुई मिली, जिससे स्पष्ट हो गया कि उसकी मौत पानी में डूबने से नहीं, बल्कि गला घोंटने से हुई है।
इसके बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर वैज्ञानिक साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर गांव के ही आरोपी आनंदराव पिता नब्बा बारस्कर (40) को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि घटना वाले दिन लालू जंगल में मशरूम लेने गया था। वह उसका पीछा करते हुए सुनसान स्थान पर पहुंचा और गमछे से गला घोंटकर हत्या कर दी। इसके बाद शव को खेत के पास पानी में फेंक दिया, ताकि घटना दुर्घटना प्रतीत हो।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी और मृतक के बीच लंबे समय से अवैध संबंधों को लेकर विवाद और पुरानी रंजिश चली आ रही थी। कुछ माह पहले मृतक द्वारा आरोपी पर चाकू से हमला किए जाने के मामले में वह जेल भी गया था। इसी रंजिश का बदला लेने के लिए आरोपी ने हत्या की वारदात को अंजाम दिया।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 103(1) एवं एससी-एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर न्यायालय में पेश करने की कार्रवाई की है।
पुलिस अधीक्षक वीरेन्द्र जैन ने बताया कि जिले में इस वर्ष अब तक हत्या के 35 मामले सामने आए हैं, जिनमें से 34 मामलों का खुलासा किया जा चुका है। इनमें 25 हत्याएं अवैध संबंधों से जुड़े विवादों के कारण हुई हैं। यह मामला भी उसी श्रेणी का है, जो समाज में बढ़ते ऐसे विवादों की गंभीर तस्वीर पेश करता है।
