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स्कूल में डेढ़ फीट तक पानी, तीन माह से आंगनवाड़ी में लग रही कक्षाएं; ग्रामीणों ने नए भवन और अलग हाट-बाजार की मांग उठाई

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बैतूल। भीमपुर तहसील के ग्राम कारीदा में सरकारी स्कूल की बदहाली की तस्वीर मंगलवार को जनसुनवाई में सामने आई। ग्रामीणों ने कलेक्टर को आवेदन देकर शासकीय एकीकृत माध्यमिक शाला कारीदा के लिए नए भवन की स्वीकृति और ग्राम में अलग साप्ताहिक हाट-बाजार शुरू करने की अनुमति देने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के दौरान स्कूल परिसर और कक्षाओं में एक से डेढ़ फीट तक पानी भर जाता है। हालात इतने खराब हैं कि बच्चों को घुटने-घुटने पानी से होकर स्कूल से बाहर निकलना पड़ता है।

ग्रामीणों के अनुसार स्कूल निचले स्थान पर बना है, जिसके कारण बारिश में हर साल स्कूल परिसर तालाब में तब्दील हो जाता है। इस बार भी करीब तीन माह से स्कूल में नियमित कक्षाएं प्रभावित हैं और बच्चों की पढ़ाई आंगनवाड़ी केंद्र में कराई जा रही है। बारिश के दिनों में स्कूल तक पहुंचना भी मुश्किल हो जाता है। स्कूल की दीवारों में सीलन आने के साथ भवन भी जर्जर हो चुका है। ग्रामीणों ने भवन की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई है।

ग्रामीणों ने आवेदन के साथ स्कूल में भरे पानी की तस्वीरें भी प्रस्तुत की हैं। उनका कहना है कि शौचालय, बाउंड्रीवाल और खेल मैदान भी बारिश के पानी में डूब जाते हैं। ग्राम के अधिकांश बच्चे इसी स्कूल में पढ़ते हैं, इसलिए ग्रामीणों ने सुरक्षित और ऊंचे स्थान पर नए स्कूल भवन के निर्माण की स्वीकृति देने की मांग की है।

इसी जनसुनवाई में ग्रामीणों ने ग्राम कारीदा में अलग साप्ताहिक हाट-बाजार शुरू करने की मांग भी रखी। आवेदन के मुताबिक कारीदा ग्राम पंचायत कुनखेड़ी के अधीन है और पंचायत मुख्यालय की दूरी करीब 18 किलोमीटर है। कारीदा के साथ आसपास के आमाकोह और झिरिया टोला के करीब 2000 ग्रामीणों को कुनखेड़ी बाजार जाने में परेशानी होती है। ग्रामीणों ने बताया कि सुविधा के लिए कारीदा में शनिवार को साप्ताहिक बाजार शुरू किया गया था, लेकिन पंचायत ने यह कहते हुए बंद करा दिया कि एक पंचायत में दो बाजार नहीं लग सकते।

ग्रामीणों ने कलेक्टर से भौगोलिक दूरी और जनसुविधा को देखते हुए कारीदा में पृथक साप्ताहिक हाट-बाजार की अनुमति देने की मांग की है। जनसुनवाई में स्कूल की बदहाली और बाजार की समस्या को लेकर ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द समाधान की उम्मीद जताई।

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