Logo
ब्रेकिंग
सिविल जज बनने के बाद भी नहीं डिगा वैराग्य का संकल्प, प्रखरश्री ने चुना मोक्ष का मार्ग बैतूल बनेगा खेलो का हब, कुकरु को मिनी शिमला बनाने की तैयारी,हेमंत खंडेलवाल के प्रयास रंग लाए, मिली 4... जरूरतमंदों के जीवन की रक्षा का संदेश लेकर आगे बढ़ा रक्तदान अभियान, सनातनी विनोद कुमार बिंदल के मंदिर... सतपुड़ा वैली पब्लिक स्कूल बना बैतूल का नंबर 1 को-एड डे स्कूल, एजुकेशनवर्ल्ड इंडिया स्कूल रैंकिंग 202... बैतूल में SevaMitra की शुरुआत, अब घर बैठे बुक करें होम सर्विस फोन नहीं उठाते सीईओ,मीडियाकर्मियों में नाराजगी,ज्ञापन सौंपा Ola Uber Ban Chandigarh: ओला-उबर के लाइसेंस रद्द होने के बाद शुरू हुई 'भारत टैक्सी', जानिए यात्रियों... Haryana News: लगातार चौथी बार देश में अव्वल रही करनाल शुगर मिल, केंद्रीय मंत्रियों ने दी प्रतिष्ठित ... NCC DG Team Selection: हरियाणा के होनहार शूटर विजयन्त ढाण्डा ने बढ़ाया राज्य का मान, देश के टॉप-12 शू... Haryana Road Mishap: नूंह सड़क हादसे में चार लोगों की मौत, पत्नी गंभीर रूप से घायल; पुलिस जांच में ज...
Seva Mitra
Header Ad

सतना और चित्रकूट में बाढ़ का भयानक मंजर: मंदाकिनी नदी 30 फीट उफान पर, रामघाट का पुल बहा

सतना (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश के सतना जिले और धार्मिक नगरी चित्रकूट में पिछले 18 घंटों से जारी मूसलाधार बारिश ने प्रलयंकारी रूप धारण कर लिया है।

 

नदी-नाले खतरे के निशान से काफी ऊपर बह रहे हैं, जिससे मुख्य सड़कें और रेलवे ट्रैक पानी में डूब गए हैं और दर्जनों गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय से पूरी तरह कट गया है। सबसे विकराल स्थिति चित्रकूट में बनी हुई है, जहां मंदाकिनी नदी का जलस्तर करीब 30 फीट तक पहुंच गया है। इसके चलते सैकड़ों लोग विभिन्न इलाकों, आश्रमों और होटलों में फंस गए हैं।

 

हालात की गंभीरता को देखते हुए राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर तेज कर दिए गए हैं। प्रभावितों को सुरक्षित निकालने के लिए रात के समय भी सघन रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है। भारतीय सेना के हेलीकॉप्टर चित्रकूट पहुंच चुके हैं और रात के अंधेरे में भी फंसे हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर एयरलिफ्ट किया जा रहा है।

 

लगातार हो रही बारिश से ऐतिहासिक रामघाट और भरतघाट पूरी तरह जलमग्न हो चुके हैं। घाटों के समीप स्थित लगभग 400 दुकानें बाढ़ के पानी में डूब गई हैं। पानी नयागांव राजमहल के भीतर तक प्रवेश कर गया है। नदी के प्रचंड वेग के कारण रामघाट का लगभग 300 मीटर लंबा और 25 फीट ऊंचा पुल पूरी तरह बह गया है, जिसके बाद प्रशासन ने आसपास के करीब 36 तटवर्ती गांवों में हाई अलर्ट जारी किया है।

🛟 मझगवां में 16 लोगों का सफल रेस्क्यू: नदी में फंसे ट्रक ड्राइवरों को सुरक्षित निकाला

 

राहत एवं बचाव कार्यों का विवरण:

    • घरों में फंसे लोगों को निकाला: मझगवां थाना क्षेत्र में उफनती नदी के बीच घरों में फंसे बबीता सिंह, खुशी सिंह, सौम्या सिंह, दादू साहू, गीता साहू, अनीशा साहू, तपस्या साहू, तनिष्क, मनोज गर्ग, सीमा गर्ग, अभिनव गर्ग, सोम गर्ग सहित एक अन्य परिवार के चार सदस्यों को एसडीआरएफ (SDRF) टीम ने सुरक्षित बाहर निकाला।

       

 

    • ट्रक ड्राइवरों का रेस्क्यू: पिंडरा के निकट तेज बहाव में फंसे दो ट्रक चालकों को जवानों ने रस्सियों और लाइफ जैकेट की मदद से सुरक्षित निकाला।

       

 

    • चित्रकूट भेजी गई टीम: मझगवां में कुल 16 लोगों को सुरक्षित निकालने के बाद SDRF और होमगार्ड जवानों के दल को तुरंत चित्रकूट के लिए रवाना किया गया।

       

 

 

🏚️ गोरगी बांध टूटने से जलमग्न हुए कई इलाके: सतना-चित्रकूट मार्ग 3 जगहों पर बंद

 

बांध टूटने और बुनियादी ढांचे के नुकसान का ब्योरा:

    • रास्ते अवरुद्ध: राहत-बचाव दल को चित्रकूट-कोठी-सिंहपुर-कालिंजर मार्ग से आगे बढ़ने में उफनते नालों और कटी हुई सड़कों का सामना करना पड़ रहा है।

       

 

    • गोरगी बांध फूटा: सतना जिले में गोरगी बांध के टूटने से रिहायशी बस्तियों में पानी का तेज बहाव घुस गया है, जिससे सतना-चित्रकूट मार्ग तीन स्थानों पर पूरी तरह बंद हो गया है।

       

 

    • नागौद व कोठी में नुकसान: कई मोहल्लों में आवागमन के लिए नावों का सहारा लिया जा रहा है। नागौद में थाना परिसर और पेट्रोल पंप तक पानी भर गया है, जबकि कोठी क्षेत्र में मकान गिरने से मलबे में दबकर दो मवेशियों की मौत हो गई।

       

 

 

🚁 सेना, SDRF और होमगार्ड ने संभाला मोर्चा: पन्ना में बानसुजारा बांध के 8 गेट खोले गए

 

प्रशासनिक अलर्ट और अंतर-जिला स्थिति:

    • पन्ना के कई गांव बने टापू: पड़ोसी पन्ना जिले में भी बाढ़ के कारण कई ग्रामीण इलाके टापू में तब्दील हो गए हैं।

       

 

    • बांध से पानी की निकासी: बढ़ते जलस्तर को नियंत्रित करने के लिए बानसुजारा बांध के आठ गेट खोलकर धसान नदी में लगभग 792 घन मीटर प्रति सेकंड पानी छोड़ा जा रहा है।

       

 

    • प्राथमिकता: सेना, SDRF, होमगार्ड और जिला प्रशासन की टीमें 24 घंटे अलर्ट पर हैं, ताकि बाढ़ प्रभावितों तक तुरंत राशन, दवाइयां और सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराया जा सके।

       

 

Comments are closed.