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बेघर और अनाथ नेपाली बच्चों को आश्रय देगा बालाजीपुरम, भोजन-रोजगार और शिक्षा की भी व्यवस्था

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बालाजीपुरम संस्थापक सेम वर्मा ने शुरू किया ‘बालाजी शरणम्’ अभियान, चारों पीठों के शंकराचार्यों और 13 अखाड़ों से भी जुड़ने की अपील

बैतूल। नेपाल में आई त्रासदी के बाद बड़ी संख्या में लोगों के बेघर होने और बच्चों के अनाथ होने की खबरों के बीच बैतूल के बालाजीपुरम ने मदद का हाथ बढ़ाया है। श्री रुक्मणी बालाजी मंदिर बालाजीपुरम के संस्थापक और एनआरआई उद्योगपति सेम वर्मा ने बेघर नेपाली परिवारों और अनाथ बच्चों को आश्रय देने की घोषणा की है। इसके लिए ‘बालाजी शरणम्’ अभियान शुरू किया गया है।

सेम वर्मा ने कहा कि नेपाल विश्व का एकमात्र सनातन राष्ट्र है और भगवान पशुपतिनाथ स्वयं वहां विराजित हैं। ऐसे संकट के समय प्रत्येक सनातनी व्यक्ति, संत-आचार्य और मठ-मंदिर का कर्तव्य है कि दुख की घड़ी में अपने सनातनी भाइयों की मदद के लिए आगे आए। उन्होंने देश के सभी चारों पीठों के शंकराचार्यों और 13 अखाड़ों से भी इस अभियान से जुड़ने की अपील की है।

उन्होंने कहा कि धर्माचार्यों, मठों और बड़े मंदिरों को अपने स्तर पर बेघर परिवारों और अनाथ बच्चों को शरण देने के साथ उनके लिए आजीविका के साधन तलाशने चाहिए। बच्चों की शिक्षा, भोजन और आवास की व्यवस्था में भी सहयोग किया जाना चाहिए।

बालाजीपुरम प्रबंधन के अनुसार, नेपाल से आने वाले जरूरतमंद परिवारों के लिए यहां आवास और भोजन की व्यवस्था की जाएगी। परिवारों के लिए रोजगार तथा बच्चों की शिक्षा और स्कूल की व्यवस्था में भी मदद की जाएगी। संस्था का कहना है कि नेपाल से भारत आने में किसी तरह की परेशानी नहीं होने के कारण जरूरतमंद परिवार बैतूल आकर रह सकते हैं।

सेम वर्मा ने इस अभियान को सफल बनाने में सहयोग के लिए भारत सरकार को भी ईमेल भेजा है। वहीं पीड़ित व्यक्ति या उसके परिचित मदद के लिए बालाजीपुरम के संपर्क नंबर 9300787332 पर कॉल कर सकते हैं। अभियान से जुड़ने के इच्छुक लोग और संस्थाएं भी इसी नंबर पर कॉल या मैसेज कर अपना नाम और नंबर दर्ज करा सकते हैं।

बालाजीपुरम की ओर से अभियान का संदेश दिया गया है—“आपका सहयोग, किसी का नया जीवन बन सकता है।”

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