Logo
ब्रेकिंग
बैतूल जिला बना भूकंप का केंद्र, मुलताई और पांढुर्णा में महसूस हुए तेज झटके बैतूल मोहदा के खेरा में बड़ा हादसा: श्रद्धालुओं से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटी, 25 घायल, एक बुजुर्ग की ... बैतूल के बर्राढाना गांव में भीषण आग: 15 से अधिक मकान जले, 90% गांव तबाह पांचवीं,आठवीं फेल के लिए राहत की खबर,1 जून से होगी परीक्षा लल्ली और शिवाजी चौक को बड़े शहरों की तरह बनाए।कलेक्टर ने प्रस्ताव बनाने को कहा बेजुबान के लिए इंसानियत: झुलसे बंदर को युवकों ने गोद में बैठाकर 35 किमी दूर पहुंचाया अस्पताल बैतूल के छात्रों का कमाल: गुंजन देशमुख 10वीं में 5वें स्थान पर, ऋतुजा देशपांडे 12वीं गणित में 7वीं र... बैतूल: शराब दुकानों के टेंडर में लापरवाही, जिला आबकारी अधिकारी अंशुमन सिंह चिढ़ार निलंबित बैतूल जिले की नगरपालिकाओं में एल्डरमैन नियुक्त VIDEO :Fire 🔥 on highway बैतूल भोपाल हाइवे पर ट्राला पलटा,लगी आग
Header Ad

आज से शुरू होने वाली Retreat Ceremony को लेकर लिया ये बड़ा फैसला

तरनतारन: पहलगाम हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच हालात काफी तनावपूर्ण हो गए थे। दोनों देशों ने एक-दूसरे पर सख्त पाबंदियां लगाने के साथ-साथ बड़े स्तर पर सैन्य कार्रवाई भी की थी। इसी दौरान दोनों देशों ने सीमा पर होने वाली रिट्रीट सेरेमनी को भी बंद करने का फैसला किया था।

अब जब युद्धविराम के बाद हालात स्थिर हो गए हैं, तो भारत-पाकिस्तान के बीच रिट्रीट सेरेमनी एक बार फिर से शुरू होने जा रही है। इस दौरान BSF और पाक रेंजर्स हाथ नहीं मिलाएंगे, साथ ही सरहदों के बीच बंद रहेंगे अटारी-वाघा गेट। हुसैनीवाला और सादकी बॉर्डर पर यह सेरेमनी आज शाम 6 बजे से शुरू हो जाएगी। हालांकि, आज के कार्यक्रम में सिर्फ मीडियाकर्मियों को ही शामिल होने की अनुमति दी गई है, लेकिन कल (बुधवार) से आम जनता भी पहले की तरह इस आयोजन का हिस्सा बन सकेगी। इसके अलावा, सीमा पार खेतों में खेती करने वाले किसानों के लिए कांटेदार तारें हटा दी गई हैं, जिससे वे अपने काम को सुचारू रूप से जारी रख सकें।

गौरतलब है कि 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 निर्दोष लोगों की जान चली गई थी। इस हमले का जवाब देने के लिए भारत ने 6 मई की रात को “ऑपरेशन सिंदूर” शुरू किया था, जिसमें पाकिस्तान स्थित 9 आतंकी ठिकानों को निशाना बनाकर 100 से ज्यादा आतंकियों को ढेर कर दिया गया था। इसके बाद दोनों देशों ने न केवल रिट्रीट सेरेमनी बंद कर दी थी बल्कि एक-दूसरे पर कई सख्त प्रतिबंध भी लगाए थे। हालांकि, 10 मई को दोनों देशों की सेनाएं युद्धविराम पर सहमत हो गईं, जिसके बाद माहौल शांत होते ही रिट्रीट सेरेमनी को दोबारा शुरू करने का निर्णय लिया गया।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.