
हरदा। पद पर आसीन होने की लालसा और अपने चहेतो को पद से नवाजने की चाहत ने एक जिला शिक्षा धिकारी को नियम के विरुद्ध जाकर कार्य करने को विवश कर दिया और उन्होंने बीईओ पर दो लोगों की नियुक्ति कर दी। दरअसल यह पूरा मामला हरदा जिले के खिरकिया विकासखंड का है। जहां पूर्व बीईओ के अन्य विभाग में चयनित होने से पद रिक्त होने के बाद बीईओ के पद पर दो लोगों की नियुक्ति कर दी गई।
तर्क यह दिया जा रहा है कि एक व्यक्ति वित्तीय प्रभार संभालेंगे तो दूसरे प्रशासकीय कार्य एवं अन्य व्यवस्था देखेंगे। प्रभारी बीईओ बनाए गए प्रदीप रिछारिया का मूल पद प्रधानपाठक माध्यमिक शाला ग्राम पोखरनी है। जो तकनीकी रूप से इस पद के योग्य नहीं है। इसलिए प्रभारी प्राचार्य जे.पी सोनी,हायर सेकेंडरी स्कूल मसनगांव को वित्तीय प्रभार सौंपे गए। ऐसे में दोनो नियुक्त अधिकारियों द्वारा दायित्व निर्वहन के दौरान दो स्कूल प्रभावित होंगे।
सवाल यह उठता है कि खिरकिया ब्लॉक में अनेक योग्य उच्च श्रेणी शिक्षक है। जिन्हें यह जिम्मेदारी दी जा सकती थी। आखिर जिला शिक्षाधिकारी की क्या मजबूरी होगी कि उन्हें यह कदम उठाना पड़ा। इस मामले में जिला शिक्षाधिकारी डी.एस. रघुवंशी से दूरभाष पर जानकारी ली गई तो उन्होंने कहा कि हमें जो योग्य लगा उसे हमने बीईओ बनाया है,उनके संज्ञान में अन्य उच्च श्रेणी शिक्षकों के ब्लॉक में पदस्थ होने की बात लाने पर उन्होंने कहा जरूरी नहीं कि किसी और को प्रभारी बीईओ बनाया जाए।

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