Logo
ब्रेकिंग
दतिया उपचुनाव " भाजपा: गलत निर्णयों की भरमार का दुष्परिणाम प्रस्तावित नगर निगम में शामिल किए जाने का फिर विरोध, डोक्या पाढर के ग्रामीणों ने कलेक्टर को सौंपा ज्... बैतूल में इंस्टग्राम पर झांसा देकर सवा दो लाख की ठगी, शाजापुर से पकड़ाया आरोपी एयरफोर्स में चयनित मोहित की जीजा और चेचेरे भाईयों ने कर दी हत्या, जमीन हड़पने की लालच, पुरानी रंजिश ... महदगांव के फोटोग्राफर युवक की सड़क हादसे में मौत, पेट्रोल लेने जाते समय अज्ञात वाहन ने मारी टक्कर बैतूल: पांच मंदिरों में चोरी के आरोपी का हुलिया जारी, माता की चुनरी ओढ़कर वारदात करता आया नजर; पहचान... बैतूल में NSUI का प्रदर्शन: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का पुतला फूंका, राष्ट्रपति के नाम तहसीलदार ... दो दिन पहले पानी में मिली लाश निकली हत्या: अवैध संबंधों के विवाद में गमछे से गला घोंटकर युवक की हत्य... बैतूल: अतिरिक्त यात्री भीड़ को देखते हुए नागपुर-दानापुर स्पेशल ट्रेन 3 अगस्त को चलेगी, बैतूल में तड़... वन क्षेत्र में अवैध कटाई और वन्यजीव का आवास नष्ट करने वाले 3 आरोपी गए जेल, वन विभाग ने 98.63 हजार रु...
Header Ad

मौ’त के साये से बचकर आया पंजाबी युवक, न बिजली, न पानी… जानें क्या है पूरा मामला

0

आदमपुर: आदमपुर के कुपुर गांव का एक युवक अपने दो अन्य दोस्तों के साथ हिमाचल प्रदेश स्थित धार्मिक स्थल मणिमहेश दर्शन के लिए गया था। 7 दिन बाद वह मौत के साये से निकलकर सकुशल अपने घर पहुंच गया। गांव कुपुर निवासी सुखविंदर सिंह पुत्र अमृतपाल सिंह कुंदरा ने पंजाब केसरी से बातचीत करते हुए बताया कि वह 21 अगस्त को सुबह साढ़े नौ बजे जालंधर निवासी अपने दोस्त संदीप कुमार और रजिंदर कुमार नंदा के साथ हिमाचल प्रदेश में धार्मिक स्थल मणिमहेश के दर्शन करने गए थे और 22 अगस्त को मंदिर के पास विश्राम कर 23 अगस्त को मणिमहेश के दर्शन किए और वह कार में घर लौट रहे थे, लेकिन वह अभी 12 से 15 किलोमीटर ही नीचे की ओर आए थे। आगे 10 किलोमीटर तक लंबा ट्रैफिक जाम लगा हुआ था। यहां न बिजली थी, न पानी, न ही मोबाइल नेटवर्क।

उन्होंने आगे बताया कि एक तरफ नदी बह रही थी, दूसरी तरफ पहाड़ टूटने के कारण दोनों तरफ आने-जाने वाले मुख्य रास्ते बंद हो गए थे। रास्ते पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए थे, इसलिए वह अपने दोस्त संदीप कुमार की कार नंबर पीबी10 एचसी 4858 व दोनों दोस्तों को सुरक्षित स्थान पर छोड़कर वह बाढ़ के पानी और खतरनाक जंगलों से टूटी सड़कों से होते हुए 8 से 10 घंटे पैदल चल, 65 किलोमीटर लंबा सफर तय किया और किसी तरह चंबे पहुंचा। मोबाइल नेटवर्क आने पर उसने अपने दोस्त बूटा सिंह मैनेजर आदमपुर आयल स्टोर से संपर्क किया, जो अपने साथियों भूपिंदर सिंह भिंदा सरपंच कोहजा, कुलवंत सिंह पंच महदीपुर, संदीप कुमार झल्ली पंच कोहजा, अमरिंदर सिंह राय कोहजा और साबा कोटला के साथ चंबे पहुंचा और उसे मौत के साये से वापस घर लेकर आया। कुंद्रा ने बताया कि करीब 15 से 20 हजार गाड़ी, स्कूटर और मोटरसाइकिल सवार वहां फंसे हुए हैं, जिनमें से कुछ लोग दूसरे राज्यों से हैं, बाकी सभी पंजाबी हैं। उन्होंने हिमाचल के लोगों का धन्यवाद किया जिन्होंने मुसीबत में उनकी बहुत मदद की। उन्होंने पंजाब के लोगों से अपील की कोई भी हिमाचल की तरफ न जाए। वहां हालात बहुत खराब हैं। खुद को और अपने परिवार को सुरक्षित रखने के लिए घर पर ही रहें। वग और उसका दोस्त मौत के साये में बड़ी मुश्किल से अपने परिवार के पास लौटे हैं।

Leave A Reply

Your email address will not be published.