Logo
ब्रेकिंग
Meesho कस्टमर केयर के नाम पर ठगी: APK भेजकर उड़ाए 1.01 लाख, बैतूल पुलिस ने ओडिशा से आरोपी दबोचा रक्षाबंधन पर भद्रा और चंद्रग्रहण का साया नहीं: 28 अगस्त को दिनभर बांध सकेंगे राखी, जानें शुभ मुहूर्त... रक्षाबंधन पर महंगाई की दोहरी मार: दंतेवाड़ा में प्याज ₹60 और चीनी ₹80 प्रति किलो, त्योहार से पहले बि... बलरामपुर के बाबा कर्मेश्वर धाम पहुंचे CM विष्णु देव साय: रुद्राभिषेक कर की पूजा, कर्रा में मंगल भवन ... रायपुर में ₹55 लाख तक की डायमंड राखी: इस बार भद्रा और चंद्रग्रहण से मुक्त रहेगा रक्षाबंधन, सोने-चांद... रायपुर IGKV में तीसरा पेपर भी लीक: 'फंडामेंटल्स ऑफ जेनेटिक्स' परीक्षा पर बवाल, यूनिवर्सिटी ने पुलिस ... सेक्स वर्कर होने के आधार पर नहीं चल सकता आपराधिक केस: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने रद्द की FIR और चार्जशीट,... बापटला बीच पर मिला शिवलिंग पीठम और मूर्तियां; लहरों के साथ बहीं या जमीन से निकलीं? जांच में जुटा प्र... रीलबाजी की सनक पड़ी भारी: ग्वालियर में 3400 किस वाली कार का कटा चालान, मालिक से मौके पर साफ करवाए लि... वंदे मातरम् विवाद पर ओवैसी का बयान: 'संविधान की शुरुआत हम भारत के लोग से होती है', बीजेपी-कांग्रेस म...
Header Ad

ब्यास दरिया से लगते गांवों में बाढ़ की स्थिति भयंकर, प्रशासन व लोगों की उड़ी नींद

0

तरनतारन : कई दिनों से पहाड़ी इलाकों और राज्य भर में हो रही लगातार बारिश ने दरिया किनारे रहने वाले लोगों को भारी नुक्सान पहुंचाया है, वहीं विभिन्न शहरों में आम जनजीवन प्रभावित हुआ है, जिससे लोगों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। ब्यास दरिया की बात करें तो सोमवार दोपहर तक हरिके हैड वर्क्स में पहुंचे 2 लाख 85 हजार क्यूसिक पानी में से हुसैनी वाला डाउनस्ट्रीम के लिए 2 लाख 68 हजार क्यूसिक पानी छोड़ा गया।

लगातार हो रही बारिश के कारण ब्यास दरिया में जलस्तर और बढ़ने के आसार हैं, जिससे बाढ़ का खतरा लगातार बढ़ रहा है जिसने प्रशासन और लोगों की नींद उड़ा रखी है। इसी बीच गांव मरड़ में 500 फुट लंबा तटबंध टूट गया है जिससे ग्रामीणों में काफी दहशत है और प्रशासन व ग्रामीण इसे ठीक करने के लिए लगातार काम कर रहे हैं।

मौसम विभाग ने कुछ दिन पहले रेड अलर्ट जारी करते हुए कहा था कि आने वाले दिनों में लगातार बारिश के कारण लोगों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। विभाग द्वारा की गई यह भविष्यवाणी सच होती दिख रही है। लगातार हो रही बारिश के कारण दरिया-नालों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। ब्यास दरिया के अंतर्गत आने वाले दर्जनों गांव हर साल जलभराव के कारण बर्बादी की कगार पर पहुंच जाते हैं, क्योंकि ब्यास दरिया के पानी के कारण किसानों की हजारों एकड़ फसलें बर्बाद हो जाती हैं, जिससे जलस्तर नीचे जाने के बाद खेतों में आई रेत को हटाने में किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

Leave A Reply

Your email address will not be published.