Logo
ब्रेकिंग
फोन नहीं उठाते सीईओ,मीडियाकर्मियों में नाराजगी,ज्ञापन सौंपा Ola Uber Ban Chandigarh: ओला-उबर के लाइसेंस रद्द होने के बाद शुरू हुई 'भारत टैक्सी', जानिए यात्रियों... Haryana News: लगातार चौथी बार देश में अव्वल रही करनाल शुगर मिल, केंद्रीय मंत्रियों ने दी प्रतिष्ठित ... NCC DG Team Selection: हरियाणा के होनहार शूटर विजयन्त ढाण्डा ने बढ़ाया राज्य का मान, देश के टॉप-12 शू... Haryana Road Mishap: नूंह सड़क हादसे में चार लोगों की मौत, पत्नी गंभीर रूप से घायल; पुलिस जांच में ज... Haryana Crime News: पानीपत में اغवा हुआ बच्चा बरामद, एक लाख में बेचने की थी डील; पुलिस ने दो को दबोच... Gurnam Singh Chaduni Mahapanchayat: धान खरीद की मांग पर अड़े किसान, हाईवे पर बीती रात; आज होगी बड़ी ... Patna Mithila Colony Incident: दानापुर में खूनी संघर्ष, शादी से पहले सिपाही भाई ने की आत्महत्या, पुल... Delhi Demolition News: शालीमार बाग मैक्स अस्पताल रोड पर देर रात चला पीला पंजा; भारी पुलिस बल तैनात, ... Monsoon Update 2026: मॉनसून की विदाई के बीच बिगड़ेगा मौसम; मध्य प्रदेश, ओडिशा और पूर्वोत्तर में भारी...
Header Ad

Chandigarh Property News: स्टांप ड्यूटी बढ़ने से खरीदारों ने टाला फैसला, मोहाली की तरफ रुख कर रहे लोग

चंडीगढ़ में कलेक्टर रेट में बढ़ोतरी किए जाने के बाद से शहर के प्रॉपर्टी बाजार में हलचल काफी धीमी पड़ गई है, जिसका सीधा असर अब रजिस्ट्री कार्यालयों पर साफ तौर पर दिखाई दे रहा है. संपत्ति की सरकारी कीमत बढ़ने के कारण खरीदारों पर स्टांप ड्यूटी और अन्य शुल्कों का अतिरिक्त बोझ बढ़ गया है, जिसके चलते कई लोगों ने फिलहाल जमीन या मकान खरीदने का अपना फैसला टाल दिया है और वे चंडीगढ़ के बजाय मोहाली व अन्य आसपास के इलाकों में अपने लिए नए विकल्प तलाश रहे हैं.

💸 2. रजिस्ट्रेशन से होने वाली आय और दफ्तरों में घटती संख्या पर असर, सीमित बजट वाले खरीदार हुए परेशान

सब-रजिस्ट्रार कार्यालयों की बात करें तो पहले जहां रोजाना लगभग 50 से 60 लोग प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री कराने के लिए पहुंचते थे, वहीं अब यह संख्या घटकर करीब 20 से 25 के आसपास रह गई है. हालांकि प्रशासन का अपना तर्क है कि रजिस्ट्रियों की संख्या में बहुत बड़ी गिरावट दर्ज नहीं की गई है, लेकिन बाजार के जानकारों और प्रॉपर्टी कंसल्टेंट्स का मानना है कि सीमित बजट वाले मध्यम वर्गीय खरीदारों के लिए अब खरीदारी करना काफी महंगा साबित हो रहा है.

🏛️ 3. डिप्टी कमिश्नर निशांत यादव का बयान, कहा- कलेक्टर रेट को मार्केट रेट के करीब लाने से बढ़ा है सरकारी राजस्व

इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए डीसी निशांत यादव ने स्पष्ट किया कि पहले कलेक्टर रेट और वास्तविक बाजार मूल्य में काफी अंतर था और लोग कम राशि पर रजिस्ट्रियां कराते थे. कलेक्टर रेट को मार्केट रेट के करीब लाने से सरकार को मिलने वाला स्टांप ड्यूटी राजस्व दोगुने से भी अधिक हो गया है, जिससे लेन-देन में पारदर्शिता आ रही है. प्रशासन का यह भी मानना है कि इससे नकद लेन-देन पर रोक लगेगी और बाजार में व्यवस्था सुधरेगी, हालांकि खरीदारों को अब अधिक शुल्क चुकाना पड़ रहा है.

⚖️ 4. शेयर वाइज प्रॉपर्टी की खरीद-फरोख्त पर कानूनी पेच बरकरार, सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का इंतजार कर रहा प्रशासन

चंडीगढ़ में लंबे समय से चली आ रही शेयर वाइज प्रॉपर्टी की खरीद-फरोख्त की समस्या पर भी प्रशासन ने अपनी स्थिति साफ कर दी है. डीसी ने बताया कि वर्ष 2023 में सुप्रीम कोर्ट द्वारा इस पर रोक लगाई गई थी और मामला कानूनी रूप से काफी जटिल है. प्रशासन इस मुद्दे को लगातार विभिन्न मंचों पर उठा रहा है, लेकिन जब तक कोई आधिकारिक कानूनी रास्ता या नया आदेश नहीं आता, तब तक अदालत के निर्देशों का ही पालन किया जाएगा, जिससे इस मसले पर फिलहाल अंतिम समाधान का इंतजार करना पड़ रहा है.

Comments are closed.