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बेटे की चाहत में कातिल बनी मां, एक महीने की बेटी को पानी के ड्रम में डाला… ऊपर से लगा दिया ढक्कन; मिली उम्रकैद

भोपाल की जिला अदालत ने अपनी ही एक माह की मासूम बेटी की निर्मम हत्या करने वाली मां को आजीवन कारावास की सजा सुनाते हुए एक हजार रुपए का जुर्माना लगाया है. मामला भोपाल के खजूरी सड़क थाना क्षेत्र का है. यहां 16 सितंबर 2020 को बेटे की चाह में एक मां ने अपनी एक दुधमुंही एक महीने की मासूम बेटी को पानी की टंकी में डूबा कर मार दिया था. मामले में विशेष अभियोजक सुधा विजय सिंह भदौरिया ने पैरवी की.

मध्य प्रदेश के भोपाल में बेटे की चाह में बेटी की हत्या करने वाली मां भोपाल जिला कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है. 23वें अपर सत्र न्यायाधीश अतुल सक्सेना की अदालत ने 104 पेज के फैसले में बेटियों को लेकर भी टिप्पणी की है. कोर्ट ने कहा कि जब एक बेटी का जन्म होता है तो इस बात का निश्चायक सबूत है कि ईश्वर मानव जाति से अप्रसन्न नहीं है. क्योंकि ईश्वर पुत्रियों के माध्यम से खुद को साकार रूप देता है. बेटियां सिर्फ परिवार ही नहीं बल्कि सभ्यता, संस्कृति और राष्ट्र निर्माण की मजबूत कड़ी हैं.

बेटे की चाह में मां ने की थी बेटी की हत्या

भोपाल के खजूरी सड़क थाना क्षेत्र के डहरिया गांव में रहने मेवाड़ा परिवार की एक माह की मासूम बेटी किंजल मेवाड़ा 16 सितंबर 2020 को घर से अचानक गायब हो गई थी. परिवार के लोग मासूम को ढूंढ रहे थे. मासूम के पिता सचिन ने जब उसकी पत्नी से पूछा तो उसने कहा कि बच्ची को प्रेत आत्माएं ले गई है. इसके बाद जब परिवार और मोहल्ले वालों ने सभी जगह मासूम को ढूंढा तो घर में प्लास्टिक के ड्रम में मासूम का शव मिला.

कोर्ट ने सुनाई आजीवन कारावास की सजा

मासूम के पिता सचिन ने पुलिस को बताया कि उसकी पत्नी सरिता को बेटे की चाह थी, लेकिन उसके घर बेटी का जन्म हुआ. उसे बेटी से कोई प्रेम नहीं था जब भी अपनी बेटी को देखती तो उसे कोसती ही रहती थी. उसकी पत्नी सरिता ने देखा कि घर में कोई नहीं है. उसने मौका पाकर घर में रखे प्लास्टिक के ड्रम में मासूम बच्ची को डूबा दिया और ऊपर से ढक्कन लगा दिया जिससे उसकी मौत हो गई. इस मामले में कोर्ट में चली लंबी बहस के बाद के जज ने हत्या करने वाली मां को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. साथ ही एक हजार का जुर्माना भी लगाया है.

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