Logo
ब्रेकिंग
जरूरतमंदों के जीवन की रक्षा का संदेश लेकर आगे बढ़ा रक्तदान अभियान, सनातनी विनोद कुमार बिंदल के मंदिर... सतपुड़ा वैली पब्लिक स्कूल बना बैतूल का नंबर 1 को-एड डे स्कूल, एजुकेशनवर्ल्ड इंडिया स्कूल रैंकिंग 202... बैतूल में SevaMitra की शुरुआत, अब घर बैठे बुक करें होम सर्विस फोन नहीं उठाते सीईओ,मीडियाकर्मियों में नाराजगी,ज्ञापन सौंपा Ola Uber Ban Chandigarh: ओला-उबर के लाइसेंस रद्द होने के बाद शुरू हुई 'भारत टैक्सी', जानिए यात्रियों... Haryana News: लगातार चौथी बार देश में अव्वल रही करनाल शुगर मिल, केंद्रीय मंत्रियों ने दी प्रतिष्ठित ... NCC DG Team Selection: हरियाणा के होनहार शूटर विजयन्त ढाण्डा ने बढ़ाया राज्य का मान, देश के टॉप-12 शू... Haryana Road Mishap: नूंह सड़क हादसे में चार लोगों की मौत, पत्नी गंभीर रूप से घायल; पुलिस जांच में ज... Haryana Crime News: पानीपत में اغवा हुआ बच्चा बरामद, एक लाख में बेचने की थी डील; पुलिस ने दो को दबोच... Gurnam Singh Chaduni Mahapanchayat: धान खरीद की मांग पर अड़े किसान, हाईवे पर बीती रात; आज होगी बड़ी ...
Seva Mitra
Header Ad

रूसी तेल से भारतीय रिफाइनरी कमा रही है तगड़ा मुनाफा, एथेनॉल मिलाना बना गेमचेंजर

0

भारत के तेल रिफाइनरी लगातार पेट्रोल और डीजल का निर्यात बढ़ा रही हैं, जो अब कई सालों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है. इसकी बड़ी वजह है कच्चे तेल की प्रोसेसिंग क्षमता बढ़ना और घरेलू स्तर पर पेट्रोल में ज्यादा एथेनॉल मिलाना. इससे देश के भीतर खपत कम हुई और अतिरिक्त ईंधन को विदेश भेजना आसान हो गया.

रूस से सस्ता तेल और यूरोप की बढ़ती डिमांड

भारत अपनी जरूरत का लगभग एक-तिहाई कच्चा तेल रूस से खरीदता है. यूरोप और अमेरिका द्वारा रूस पर लगे प्रतिबंधों के बाद भारत ने डिस्काउंट पर तेल खरीदकर रिफाइनिंग शुरू की और अब बचे हुए पेट्रोल-डीजल को निर्यात कर रहा है. विशेषज्ञों के मुताबिक, यह निर्यात यूरोप की सर्दियों में हीटिंग ऑयल की डिमांड पूरी करने में मदद करेगा और साथ ही भारत की रिफाइनिंग कंपनियों के मुनाफे को भी बढ़ाएगा.

प्रोसेसिंग और निर्यात का रिकॉर्ड

कंसल्टेंसी वुड मैकेंज़ी के अनुसार, इस साल भारत की कच्चे तेल की प्रोसेसिंग क्षमता 1.3 से 1.6 लाख बैरल प्रतिदिन बढ़कर लगभग 55.1 लाख बैरल प्रतिदिन हो जाएगी. पेट्रोल का निर्यात रिकॉर्ड स्तर पर 4 लाख बैरल प्रतिदिन तक पहुंच सकता है. डीजल (गैसोइल) का निर्यात भी 4 साल के उच्च स्तर पर जाने की संभावना है, खासकर यूरोप की जरूरतों को देखते हुए. डेटा प्रोवाइडर Kpler के मुताबिक, 2025 में भारत का पेट्रोल निर्यात औसतन 3.87 लाख बैरल प्रतिदिन रहेगा, जो ज्यादातर एशियाई देशों को जाएगा.

एथेनॉल ब्लेंडिंग का बड़ा रोल

भारत ने इस साल पेट्रोल में 20% एथेनॉल मिलाना शुरू किया है, जो 2023 में सिर्फ 12% था. घरेलू खपत में इस बदलाव से पेट्रोल की मांग कम हुई और निर्यात बढ़ा. रिलायंस इंडस्ट्रीज़ और मैंगलोर रिफाइनरी जैसी कंपनियां एशिया में बढ़े मुनाफे का फायदा उठाते हुए निर्यात में तेजी ला रही हैं. इस साल की शुरुआत से ही एशियाई बाजार में पेट्रोल मार्जिन 51% बढ़कर 1112 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया है.

यूरोप के लिए डीजल का बड़ा सौदा

यूरोप की सर्दियों में डीजल और हीटिंग ऑयल की मांग बढ़ने वाली है. वहीं, यूरोप और मिडल ईस्ट में रिफाइनरी मेन्टेनेंस के चलते ग्लोबल सप्लाई टाइट हो सकती है. वुड मैकेंज़ी का अनुमान है कि 2025 में भारत का डीजल निर्यात 6.1 से 6.3 लाख बैरल प्रतिदिन रहेगा, जबकि Kpler ने इसे 5.6 लाख बैरल प्रतिदिन आंका है.

हाल ही में रिलायंस ने अगस्त के अंत में करीब 20 लाख बैरल डीजल एक बड़े टैंकर (VLCC) के जरिए यूरोप भेजा, जो आमतौर पर छोटे जहाजों से होता है. यह कदम बड़े पैमाने पर सप्लाई की तैयारी का संकेत देता है.

आगे क्या?

यूरोप ने जुलाई में रूस पर नए प्रतिबंध लगाते हुए कहा है कि वह छह महीने की ट्रांजिशन अवधि के बाद रूसी कच्चे तेल से बने पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स का आयात बंद कर देगा. इसका फायदा भारत जैसे देशों को होगा, क्योंकि उनकी सप्लाई की मांग और ज्यादा बढ़ सकती है.

Leave A Reply

Your email address will not be published.