Logo
ब्रेकिंग
गुरुग्राम में मूसलाधार बारिश से सड़कें बनीं दरिया: दिल्ली-जयपुर एक्सप्रेसवे पर लगा भीषण जाम, वर्क फ्... हिल स्टेशन पचमढ़ी में दिल दहला देने वाली वारदात: जंगल में ले जाकर 17 वर्षीय छात्रा से सामूहिक दुष्कर... IRCTC अधिकृत एजेंट पर नहीं चलेगा रेलवे एक्ट की धारा 143 का केस: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने रद्द किया क्... एमपी-यूपी बॉर्डर पर चंबल पुल पर हाई-वोल्टेज ड्रामा, जाली से लटका दुष्कर्म का आरोपी युवक 'स्किल नई करेंसी और इनोवेशन नई इकॉनॉमी': समृद्ध मध्य प्रदेश 2047 में बोले सीएम डॉ. मोहन यादव नई दिल्ली में गौरव सम्मान समारोह-2026, प्रिया थरेजा के आयोजन में विभिन्न क्षेत्रों की प्रतिभाएं सम्म... छिंदवाड़ा में भारी बारिश के मौसम में भी गहराया पेयजल संकट: 147 में से 96 तालाब सूखे, महीने में 15 दि... खजुराहो के मतंगेश्वर महादेव: हर साल बढ़ता है रहस्यमयी जीवित शिवलिंग, सावन के अंतिम सोमवार उमड़ा जनसै... रतलाम कृषि मंडी में अचानक छुट्टी पर भड़के किसान: 600 प्याज की ट्रालियां खड़ी कर महू-नीमच रोड किया जा... 'ट्रस्ट में आंदोलन से जुड़े लोग नहीं': राम मंदिर विवाद और 'जैन-जी' आंदोलन पर बोले भोजपाली बाबा रविंद...
Header Ad

बाघ देकर कर्नाटक से लाए थे किंग कोबरा, ढाई महीने में हो गई मौत

मध्य प्रदेश के भोपाल में स्थित वन विहार नेशनल पार्क में बुधवार को किंग कोबरा नागार्जुन की मौत हो गई. यह एक दुर्लभ प्रजाति का सांप था, जिसे लगभग ढाई महीने पहले कर्नाटक के पिलिकुला बायोलॉजिकल पार्क, मैंगलोर से वन्य प्राणी आदान-प्रदान योजना के तहत भोपाल लाया गया था. नागार्जुन की उम्र करीब पांच साल थी और उसे वन विहार में खास निगरानी में रखा गया था.

वन विहार प्रबंधन ने बताया कि बुधवार सुबह सीसीटीवी फुटेज में कोबरा की कोई गतिविधि नजर नहीं आई. ऐसे में शक होने पर डॉक्टरों की टीम ने बाड़े में जाकर उसकी स्थिति की जांच की, जहां उसे मृत पाया गया. मौत के बाद वाइल्ड लाइफ डॉक्टर की टीम ने उसका पोस्टमार्टम किया. सांप की मौत कैसे हुई और किन वजहों से हुई. इसका पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल पाएगा.

24 घंटे निगरानी में था नागार्जुन

वन विहार प्रशासन के मुताबिक, नागार्जुन की सेहत पर विशेष ध्यान दिया जा रहा था. इसके लिए मैंगलोर के एक्सपर्ट से भी कॉन्टेक्ट में रहकर लगातार उसकी एक्टिविटी का मूल्यांकन किया जाता रहा था. मंगलवार शाम तक भी उसकी हालत सामान्य बताई गई थी. लेकिन बुधवार को अचानक सांप ने एक्टिविटी बंद कर दी. जब चेक किया गया तो सांप की मौत हो चुकी थी.

24 घंटे निगरानी की जा रही थी

6 अप्रैल को कर्नाटक से दो नर किंग कोबरा आठ वर्षीय नागशयना और पांच वर्षीय नागार्जुन को भोपाल लाया गया था. दोनों को बहुत ज्यादा संवेदनशील प्रजातियों (highly sensitive species) में गिना जाता है. इसलिए सांप को लाने के बाद से ही उनकी 24 घंटे निगरानी की जा रही थी. वन विहार प्रबंधन और पशु चिकित्सा विशेषज्ञों (Sanctuary Management and Veterinary Experts) का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही कोबरा की मौत की असली वजह सामने आ पाएगी.

दो बाघों के बदले में जहरीले सांप

हाल ही में किंग कोबरा को वन विहार नेशनल पार्क यहां लाया गया था. लेकिन इसकी कुछ ही समय में मौत हो गई. बाघ द पशु विनिमय कार्यक्रम के तहत कर्नाटक के पिलिकुला जैविक उद्यान से दो किंग कोबरा को भोपाल लाया गया था. दो बाघों के बदले में जहरीले सांप लाए गए थे, जिनमें से एक की मौत हो गई. अब मध्य प्रदेश में सिर्फ एक किंग कोबरा बचा है, जो इंदौर में है. सांपों को लाने के बाद, वन्यजीव अधिकारियों ने वन विहार में एक्स-सीटू संरक्षण और प्रजनन शुरू करने की योजना बनाई थी.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.