
मध्य प्रदेश के इंदौर जिले से एक सनसनीखेज खबर सामने आई है. यहां 13 मार्च को शुभ लाभ प्राइम टाउनशिप में चोरी के मामले का पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है. इस वारदात की साजिश किसी बाहरी ने नहीं, बल्कि परिवार के ही एक सदस्य ने अपने करीबी रिश्तेदार की मदद से की. घर के बारे में जानकारी होने के कारण चोरी की योजना आसानी से बनाई गई और वारदात को अंजाम दिया गया. पुलिस ने तकनीकी जांच और साक्ष्यों के आधार पर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. चोरी किया गया कैश व सोने का बड़ा हिस्सा बरामद कर लिया है.
जानकारी के मुताबिक, इदौंर के पलासिया थाना क्षेत्र में 13 मार्च को हुई डेढ़ करोड़ रुपये नकद और 20 तोला सोने की चोरी का पुलिस ने खुलासा किया है. यह चोरी किसी बाहरी गिरोह ने नहीं, बल्कि खुद फरियादी सैलून संचालिका शिवाली जादौन ने अपने जीजा बर्खास्त सिपाही हीरा बहादुर थापा और उसके साथियों के साथ मिलकर करवाई थी. पुलिस ने इस मामले में शिवाली जादौन,उसके जीजा हीरा बहादुर और ड्राइवर पिंटू को गिरफ्तार कर लिया है और एक अन्य आरोपी प्रवीण अभी फरार है.
बुर्का पहनकर दिया वारदात को अंजाम
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी शिवाली ने अपने जीजा और उसके साथी के साथ मिलकर चोरी की पूरी साजिश रची थी. योजना के मुताबिक आरोपी हीरा बहादुर थापा और उसका साथी बुर्का पहनकर घर में दाखिल हुए और कुछ ही मिनटों में नकदी और सोना समेटकर फरार हो गए. पुलिस को गुमराह करने के लिए शिवाली ने खुद चोरी की शिकायत दर्ज करवाई. लेकिन पुलिस की बारीकी से की गई जांच में पूरा मामला खुलकर सामने आ गया.
1000 से ज्यादा कैमरे खंगालकर ऐसे पकड़े गए आरोपी
टीआई मनीष मिश्रा के अनुसार वारदात के बाद पुलिस ने शहरभर के 1000 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली. जांच में सामने आया कि बुर्का पहने आरोपी नीले रंग की स्कूटर से शहर में घूमते हुए नेमावर रोड पहुंचे. एक जगह स्कूटर पर सवार व्यक्ति बदला गया, जिससे पुलिस को शक हुआ. इसके बाद पुलिस ने आरोपियों के उलटे यानी आने वाले फुटेज की जांच की तो एमआर-9 पर वही नीली स्कूटर और एक आई-10 कार नजर आई. इसी कार को नेमावर रोड पर लौटते समय भी देखा गया, जिससे पुलिस को अहम सुराग मिला.
फरियादी के प्रेमी ने खोला राज
जांच के दौरान पुलिस ने अंकुश (शिवाली का प्रेमी) को जब फुटेज दिखाए तो उसने तुरंत कार को पहचान लिया और बताया कि यह कार थापा की है. खुलासा हुआ कि थापा पहले खंडवा पुलिस में कांस्टेबल था. 10 साल पहले उसे बर्खास्त कर दिया गया था. इसके बाद पुलिस ने थापा के घर दबिश दी जहां संदिग्ध आई10 कार खड़ी मिली. इसी दौरान थापा ने ड्राइवर पिंटू की मदद से कार को वहां से हटवा दिया. पुलिस ने कार का पीछा किया और कार से 79 लाख रुपये की नकदी को बरामद किया.
पुलिस ने इस मामले में शिवाली जादौन, हीरा बहादुर थापा और ड्राइवर पिंटू को गिरफ्तार कर लिया है. जबकि प्रवीण की तलाश जारी है. पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही बाकी चोरी की रकम और सोने के गहने भी बरामद कर लिए जाएंगे.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.