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क्लर्क ने बढ़ा ली खुद की सैलरी…जबलपुर के ऑडिट ऑफिस में पौने सात करोड़ का गबन

जबलपुर। स्थानीय निधि संपरीक्षा (लोकल फंड आडिट) के क्षेत्रीय कार्यालय में पौने सात करोड़ रुपये के गबन के मामले में लिपिक संदीप शर्मा सहित पांच पर अपराधिक मामला पंजीबद्ध किया है। आरोपित लिपिक क्षेत्रीय कार्यालय में पदस्थ था। उसके पास पे रोल जनरेशन और कर्मचारियों के बिल बनाने का उत्तरदायित्व था।

इस जिम्मेदारी की आड़ में आरोपित ने धांधली करते हुए सरकारी राशि अपने स्वजन के बैंक खाते में स्थानांतरित किया। बिल और वेतन की जालसाजी में आरोपित ने लगभग पौने सात करोड़ रुपये की सरकारी राशि का गबन किया।

मामले में गुरुवार को ओमती थाना में लिपिक संदीप व अन्य आरोपितों के विरुद्ध मामला पंजीबद्ध किया गया है। अन्य आरोपितों में भोपाल स्थित संचालनालय स्थानीय निधि संपरीक्षा सतपुड़ा भवन कार्यालय में पदस्थ मनोज बरहैया, सीमा अमित तिवारी, प्रिया विश्नोई एवं अनूप कुमार हैं और सभी फरार हैं।

ऐसे किया फर्जीवाड़ा

आरोपित लिपिक ने शासन की विभिन्न बीमा एवं परिवार कल्याण की योजना राशि में फर्जीवाड़ा किया। सरकारी राशि हड़पने के लिए जो ऐसे व्यक्ति को जो कभी शासकीय सेवा में नहीं थे, उन्हें मृत घोषित किया। उनके रिकार्ड में छद्म नामिनी बनाकर रुपये निकला। धांधली में लिपिक ने जाली हस्ताक्षर किए। जाली कर्मचारी कोड और नंबर नंबर बनाया।

कई कूटरचित शासकीय अभिलेख तैयार किए। महंगाई भत्ते के एरियर की गणना में अपने परिचित कर्मचारियों को अवैध तरीके से आर्थिक लाभ पहुंचाया। क्षेत्रीय कार्यालय में पदस्थ अनूप कुमार बौरिया, आरोपित लिपिक का नजदीकी था। उसे 28 हजार आठ रुपये डीए एरियर राशि स्वीकृत हुआ था।आरोपित लिपिक ने सॉफ्टवेयर में फर्जी फीड करते हुए अनूप के लिए दो लाख 53 हजार आठ रुपये डीए का एरियर भुगतान करवा दिया। आरोपित ने अर्जित अवकाश समर्पण और समूह बीमा योजना का चार करोड़ 69 लाख 82 हजार 551 रुपए और परिवार कल्याण निधि का 57 लाख 87 हजार 479 रुपए का भुगतान अपने और अपने स्वजन के बैंक खाते में भेजा है।

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