Logo
ब्रेकिंग
सांझवीर टाईम्स के प्रतिष्ठा अलंकरण समारोह में जिले की 22 विभूतियां सम्मानित आर डी कोचिंग के विद्यार्थियों ने जे ई ई मैंस में हासिल की उत्कृष्ट सफलता, 99.68 परसेंटाइल हासिल कर स... Live: एमपी विधानसभा में बजट पेश कर रहे वित्त मंत्री देवड़ा, जानिए किसको क्या मिला नई दिल्ली से ताम्रम जा रही GT एक्सप्रेस के पार्सल वैन में लगी आग, बड़ा हादसा टला 13 फरवरी को सारणी में लगेगा रोजगार मेला, 9 कंपनियां करेंगी भर्ती, 775 से अधिक पदों पर मौका नागपुर एम्स में चार साल के हर्ष की मौत, कोल्ड्रिफ कफ सिरप कांड का था पीड़ित, चार माह से ICU में चल र... लोकायुक्त ट्रैप में फंसे बैतूल नायब तहसीलदार के रीडर को चार साल की सजा ई-साइकिल की बैटरी में धमाका, दिव्यांग युवक जिंदा जला महाराष्ट्र के डिप्टी CM अजीत पवार की विमान हादसे में मौत, बारामती में हुआ हादसा एसआईआर–2026 में बैतूल को बड़ी उपलब्धि, कलेक्टर नरेन्द्र सूर्यवंशी को राज्यपाल ने किया सम्मानित
Header Ad

बैतूल के छात्र की रहस्यमयी मौत — ग्वालियर मेडिकल कॉलेज में मोबाइल से खुल रहा बड़ा राज

0

 

ग्वालियर के गजराराजा मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस फर्स्ट ईयर के छात्र बैतूल निवासी यशराज उइके की संदिग्ध हालात में हुई मौत अब नया मोड़ ले चुकी है। पुलिस को मिले कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) ने जांच की दिशा पूरी तरह बदल दी है। शुरुआत में जहां मौत को हादसा या अवसाद में खुदकुशी का मामला माना जा रहा था, वहीं अब मोबाइल में दर्ज आखिरी कॉल ने पुलिस को बड़ा सुराग दे दिया है।

पुलिस जांच के अनुसार, घटना से दो मिनट पहले यशराज ने जिस आखिरी नंबर पर कॉल किया, वह उसी लड़की का था जो उसके गांव की रहने वाली है और मेडिकल कॉलेज में उसी की क्लासमेट है। CDR से यह भी पता चला है कि परिवार के बाद सबसे ज्यादा कॉल इसी छात्रा को किए गए थे।

छत पर मिला मोबाइल, अब बना अहम सबूत

घटना के बाद यशराज का मोबाइल हॉस्टल (न्यू रविशंकर शुक्ल हॉस्टल) की तीसरी मंजिल की छत पर मिला था। यहीं से वह संदिग्ध हालात में नीचे गिरा था। पुलिस ने मोबाइल को फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है, क्योंकि उसमें मौजूद चैट, नोट्स और कॉल रिकॉर्डिंग घटना का असली कारण उजागर कर सकती हैं।

दिनभर होती थी बातचीत

CDR से यह भी सामने आया है कि यशराज और उसकी क्लासमेट छात्रा के बीच हर दिन कई बार बात होती थी। परिवार से बातचीत के बाद यशराज ने सबसे ज्यादा कॉल उसी छात्रा को किए थे। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि मौत से पहले हुई उस आखिरी कॉल में क्या बातचीत हुई थी।

सीन रीक्रिएशन में ‘कूदने’ का एंगल मजबूत

पहले पुलिस इस मामले को हादसा मान रही थी, लेकिन सीन रीक्रिएशन में यह स्पष्ट हुआ कि यशराज गिरा नहीं, बल्कि कूदा था। पुलिस ने छात्र की हाइट और वजन के मुताबिक पुतला बनाकर परीक्षण किया, जिसमें सुसाइड का एंगल मजबूत हुआ।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इंटरनल ब्लीडिंग

शॉर्ट पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि यशराज की पीठ के बल गिरने से पेट में गंभीर चोट लगी थी, जिससे लिवर और अन्य अंगों को डैमेज हुआ तथा इंटरनल ब्लीडिंग उसकी मौत का कारण बनी। कोहनी में भी चोट के निशान मिले हैं।

पुलिस की जांच मोबाइल डेटा पर निर्भर

घटना किसी ने देखी नहीं। गिरने की आवाज सुनकर गार्ड्स मौके पर पहुंचे तो छात्र नीचे पोर्च में पड़ा मिला। ऐसे में अब जांच पूरी तरह तकनीकी और फॉरेंसिक साक्ष्यों पर टिकी है। पुलिस का मानना है कि मोबाइल अनलॉक होते ही कई राज सामने आ सकते हैं, जो यह स्पष्ट करेंगे कि यशराज की मौत आत्महत्या थी या किसी दबाव का नतीजा।


 

Leave A Reply

Your email address will not be published.