Logo
ब्रेकिंग
15 दिन तक कुएं में फंसा रहा खतरनाक रसेल वाइपर, कैरेट के सहारे हुआ सफल रेस्क्यू एनसीसी बॉयज़ भर्ती में 49 कैडेट चयनित, फिजिकल और लिखित परीक्षा के बाद बनी मेरिट 40 अपराधों वाले हिस्ट्रीशीटर भीम पर ₹10 हजार का इनाम, पुलिस ने तेज की तलाश,पेट्रोल पंप काण्ड में भी ... रात की बारिश में खोलने पड़े सतपुड़ा के 7 गेट, झरने बह निकले बारिश में ढही दीवार ,दबने से मजदूर की मौत ।बैतूल में 93.4 mm बारिश घर में सो रहा था मासूम,जाने क्या हुआ चली गई जान? नजर आया था जहरीला सांप पर काटने के निशान नहीं मिले 5 लाख की चोरी का दूसरा आरोपी भी दबोचा, ₹10 हजार का इनामी निकला आदतन नकबजन लल्ली चौक का बदलेगा लुक, लगेगा क्लॉक टावर, नगर पालिका बिल्डिंग का पुराना स्वरूप संवरेगा बेंगलुरु से लौट रहे बिहारी युवक की ट्रेन में गई जान, जीआरपी ने किया था रेस्क्यू बैतूल: कोबरा से भी ज्यादा जहरीला कॉमन करैत मकान में निकला, सर्पमित्र ने सुरक्षित किया रेस्क्यू
Header Ad

MP की बेटियों ने रचा इतिहास — जीता Blind Women’s T20 World Cup का खिताब

0

बैतूल। भारत की दृष्टिबाधित महिला क्रिकेट टीम ने इतिहास रच दिया है। टीम ने पहली बार आयोजित टी-20 विश्व कप का खिताब अपने नाम किया। इस विजेता टीम में मध्यप्रदेश की तीन खिलाड़ी—दमोह की सुषमा पटेल, पिपरिया (होशंगाबाद) की सुनीता और बैतूल की दुर्गा येवले शामिल रहीं।

विश्व कप का पहला मैच दिल्ली में श्रीलंका के साथ खेला गया था। कुल पाँच लीग मैचों में से दो दिल्ली, एक बेंगलुरु और दो कोलंबो में खेले गए। सेमीफाइनल में भारत ने ऑस्ट्रेलिया को हराकर फाइनल में प्रवेश किया, जहां नेपाल की टीम के खिलाफ शानदार जीत दर्ज की।

टीम में।शामिल बैतूल की दुर्गा येवले ने बताया कि फाइनल में भारत ने टॉस जीतकर पहले फील्डिंग का फैसला किया। नेपाल ने 115 रन का लक्ष्य दिया, जिसे भारतीय टीम ने मात्र 12.1 ओवर में तीन विकेट खोकर हासिल कर लिया। टीम ने टूर्नामेंट के सात में से पाँच मुकाबले खेले और हर बार बेहतरीन प्रदर्शन किया।

बैतूल की खिलाड़ी दुर्गा येवले ने बताया कि फिलहाल वह बेंगलुरु में हैं और टीम जल्द ही दिल्ली जाकर प्रधानमंत्री से मुलाकात कर सकती है। उन्होंने कहा कि इस उपलब्धि से उन्हें गर्व है और यह सफलता देशभर की दृष्टिबाधित बेटियों के लिए प्रेरणा बनेगी।

Leave A Reply

Your email address will not be published.