Murder dicision:बैतूल जिले में पत्नी की हत्या के एक जघन्य मामले में आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। दो साल पहले आरोपी पत्नी की कुल्हाड़ी से हत्या कर लाश के पास ही बैठा रहा। जब पुलिस टीम मौके पर पहुंची तो उसे घर का दरवाजा तोड़कर हिरासत में लिया गया। उसने चरित्र संदेह में पत्नी को गुस्से में मार डाला था।
आरोपी हेमराज ने 28 जनवरी 2023 को अपनी पत्नी नानीबाई की कुल्हाड़ी से हत्या कर दी थी। यह घटना थाना मुलताई क्षेत्र के ग्राम बडोदे में हुई थी, जहाँ आरोपी ने अपने ही घर में इस वारदात को अंजाम दिया।
मृतका के भाई की रिपोर्ट पर थाना मुलताई में अपराध क्रमांक 61/2023 के तहत मामला दर्ज किया गया था। यह प्रकरण माननीय न्यायालय प्रथम अपर सत्र न्यायालय मुलताई में (सत्र प्रकरण क्रमांक 10/2023, शासन विरुद्ध हेमराज) विचाराधीन था।
मामले की विवेचना उप निरीक्षक उत्तम मस्तकार द्वारा की गई।उन्होंने बताया कि जब उन्हें गांव में हत्या होने की जानकारी एक पड़ोसी से मिली तो वे पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे ।जहां आरोपी घर में पत्नी की हत्या करने के बाद दरवाजा बंद कर लाश के पास ही बैठा था।उसे दरवाजा तोड़कर बाहर निकाला गया। खाद बात यह है कि इससे पहले वह जमीनी विवाद में अपने पिता की भी हत्या कर चुका था।लेकिन साक्ष्य के आभाव में छूट गया था। उन्होंने बताया कि इस मामले में थाना प्रभारी निरीक्षक नरेंद्र परिहार का विशेष सहयोग रहा। विवेचना के दौरान एकत्रित ठोस भौतिक एवं परिस्थितिजन्य साक्ष्य, प्रत्यक्षदर्शी गवाहों के बयान और अभियोजन की प्रभावी पैरवी के आधार पर न्यायालय ने अपना निर्णय सुनाया।
आज, 07 नवंबर 2025 को, प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश मुलताई ने आरोपी हेमराज को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत आजीवन कारावास और 5,000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
इस प्रकरण में विशेष लोक अभियोजक श्रीमती मालिनी देशराज ने उपनिदेशक राजकुमार उईके और सहायक निदेशक सत्यप्रकाश वर्मा के निर्देशन में सशक्त पैरवी की। यह मामला शासन द्वारा चिन्हित जघन्य एवं सनसनीखेज प्रकरणों में शामिल था, जिसकी निगरानी पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन और वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा लगातार की जा रही थी।
पुलिस अधीक्षक श्री वीरेंद्र जैन के कुशल नेतृत्व और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती कमला जोशी की मॉनिटरिंग में इस प्रकरण के निराकरण में निरीक्षक नरेंद्र सिंह परिहार, उप निरीक्षक उत्तम मस्तकार, कोर्ट मोहर्रिर अजय हथिया, प्रधान आरक्षक स्वाति शर्मा और आरक्षक सुनील धुर्वे का सराहनीय सहयोग रहा।