Logo
ब्रेकिंग
पांचवीं,आठवीं फेल के लिए राहत की खबर,1 जून से होगी परीक्षा लल्ली और शिवाजी चौक को बड़े शहरों की तरह बनाए।कलेक्टर ने प्रस्ताव बनाने को कहा बेजुबान के लिए इंसानियत: झुलसे बंदर को युवकों ने गोद में बैठाकर 35 किमी दूर पहुंचाया अस्पताल बैतूल के छात्रों का कमाल: गुंजन देशमुख 10वीं में 5वें स्थान पर, ऋतुजा देशपांडे 12वीं गणित में 7वीं र... बैतूल: शराब दुकानों के टेंडर में लापरवाही, जिला आबकारी अधिकारी अंशुमन सिंह चिढ़ार निलंबित बैतूल जिले की नगरपालिकाओं में एल्डरमैन नियुक्त VIDEO :Fire 🔥 on highway बैतूल भोपाल हाइवे पर ट्राला पलटा,लगी आग The court's decision शादी में चाकू बाजी में हुई हत्या के दोषियों को उम्रकैद अंतर्राज्यीय बाइक चोर पकड़ाया, भैंसदेही पुलिस ने जंगल में छिपाकर रखी बाइकें बरामद भाजपा नेता की जमीन नपवाने गए राजस्व, पुलिस अमले पर हमला
Header Ad

वीडियो वायरल करने की धमकी से तंग नाबालिग ने की थी आत्महत्या,आरोपी को उम्रकैद

0

बैतूल।।बैतूल में पॉक्सो की स्पेशल कोर्ट ने बैतूल ने नाबालिग बालिका को आत्महत्या के लिए उकसाने वाले आरोपी मंजित उर्फ मनोजित उर्फ प्रेम पिता मनीमोहन मिस्त्री (27) निवासी थाना चोपना, जिला बैतूल को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने आरोपी को धारा 305 भादंवि के तहत आजीवन कारावास और 10 हजार रुपये के जुर्माने, वहीं पॉक्सो एक्ट की धारा 7/8 समाहित धारा 11/12 के तहत तीन वर्ष के कठोर कारावास और 5 हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया है।
प्रकरण में शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक वंदना शिवहरे ने पैरवी की।

घटना 23 जनवरी 2023 की है, जब मृतिका, जो कक्षा 11वीं में अध्ययनरत थी, अपनी सहेली के घर गई थी। अगले दिन 24 जनवरी को उसके पिता जब महाराष्ट्र से लौटे तो घर पहुंचने पर उन्होंने देखा कि उनकी पुत्री ने कमरे में रस्सी से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। सूचना मिलने पर पुलिस थाना चोपना ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की।

जांच के दौरान पुलिस को मृतिका द्वारा लिखा गया एक सुसाइड नोट मिला, जिसमें उसने आरोपी मंजित उर्फ मनोजित उर्फ प्रेम पर अश्लील फोटोग्राफ खींचने, उन्हें सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देने और शादी का दबाव बनाने का आरोप लगाया था। धमकी और ब्लैकमेलिंग से मानसिक रूप से परेशान होकर पीड़िता ने आत्महत्या कर ली थी।

जांच पूर्ण होने के बाद पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध अपराध दर्ज कर न्यायालय में चालान प्रस्तुत किया। विचारण के दौरान अभियोजन पक्ष ने पर्याप्त साक्ष्य प्रस्तुत कर अपराध को संदेह से परे प्रमाणित किया, जिसके आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए यह सजा सुनाई।

 

 

Leave A Reply

Your email address will not be published.