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पेंडेंसी पर कलेक्टर सख्त,हर केस पर 5 हजार जुर्माना

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बैतूल। अविवादित नामांतरण और बंटवारा के प्रकरणों में सुस्ती पर अब जुर्माना लगेगा। कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने सोमवार को समयसीमा की बैठक में निर्देश दिए कि 30 और 90 दिन से अधिक समय से लंबित अविवादित नामांतरण और बंटवारा के प्रकरणों पर संबंधित तहसीलदार व नायब तहसीलदार से प्रति प्रकरण 5 हजार रुपये की दंडात्मक राशि वसूली जाएगी। यह राशि उनके वेतन से काटी जाएगी। कलेक्टर ने कहा कि आम लोगों के भूमि संबंधी मामलों में अनावश्यक विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

 

बैठक में उन्होंने सभी तहसीलदारों को निर्देशित किया कि लंबित प्रकरणों के निराकरण की साप्ताहिक समीक्षा करें और तय समयसीमा में परिणाम दें। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि लापरवाही जारी रही तो और कठोर कार्रवाई की जाएगी।

 

कलेक्टर सूर्यवंशी ने घोड़ाडोंगरी में हाल ही में हुई स्वास्थ्य लापरवाही के मामले पर भी सख्ती दिखाई। उन्होंने बीएमओ संजीव शर्मा पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्यवाही का प्रस्ताव भेजते हुए दो दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए। वहीं, चिकित्सक डॉ. सोनू गोंड, स्टाफ नर्स भावना पंडोले, शिवरती धुर्वे, वार्ड ब्वॉय शैलेश बामनकर और गार्ड रंजीत के एक दिन का वेतन रोका गया।

 

उन्होंने स्वरोजगारमूलक योजनाओं—जैसे टंट्या मामा आर्थिक कल्याण और प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उन्नयन योजना—के तहत अधिक से अधिक प्रकरण निपटाने के लिए विकासखंडवार कैंप लगाने के निर्देश दिए। कहा कि अधिकारी अधिक से अधिक लाभार्थियों के प्रकरण बैंकों को भेजें ताकि लोगों को समय पर लाभ मिल सके।

 

भूमि आवंटन से जुड़े मामलों में देरी पर भी उन्होंने नाराजगी जताई और संबंधित विभागों के अधिकारियों के वेतन आहरण पर रोक लगाने के निर्देश दिए।

 

कलेक्टर ने कहा कि शासन की योजनाएं जनता के हित के लिए हैं, लेकिन यदि अधिकारी-कर्मचारी सुस्ती दिखाएंगे तो जवाबदेही तय की जाएगी।

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