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यूसीसी की जरूरत क्यों पड़ी, सरकार पहले बताए जनता की राय क्या है: उमंग सिंघार

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बैतूल में कांग्रेस के संगठन सृजन प्रशिक्षण कार्यक्रम में बोले नेता प्रतिपक्ष, कहा- भाजपा समाज को बांटने और झूठे प्रचार की राजनीति कर रही, विधानसभा में तय होगी कांग्रेस की रणनीति

बैतूल। प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) को लेकर भाजपा की मंशा पर कई सवाल खड़े होते हैं। सरकार पहले यह बताए कि यूसीसी की जरूरत आखिर क्यों पड़ रही है और प्रदेश के अलग-अलग जिलों से इस विषय पर जनता की क्या राय सामने आई है। कांग्रेस इस मुद्दे पर विधानसभा में सरकार का पक्ष सुनने और चर्चा के बाद अपनी रणनीति तय करेगी। सिंघार शनिवार को बैतूल में कांग्रेस के संगठन सृजन प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने मीडिया से चर्चा में प्रदेश सरकार पर कई मुद्दों पर निशाना साधा।

सिंघार ने कहा कि देश को आजाद हुए कई दशक हो चुके हैं और सभी लोग भारतीय नागरिक हैं। ऐसे में अब यूसीसी लाने की आवश्यकता क्यों महसूस हो रही है, इसका जवाब सरकार को देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा समाज के अलग-अलग वर्गों को बांटने की राजनीति कर रही है। सरकार पहले यह सार्वजनिक करे कि यूसीसी को लेकर जिला स्तर पर क्या सुझाव मिले हैं और जनता की वास्तविक राय क्या है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस विधानसभा में इस विषय पर विस्तृत चर्चा करेगी और उसके बाद अपना रुख स्पष्ट करेगी।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि कांग्रेस के संगठन सृजन प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य कार्यकर्ताओं को जमीनी मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाने के लिए तैयार करना है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा मीडिया और सोशल मीडिया के जरिए नकारात्मक एवं झूठा प्रचार करती है। प्रशिक्षण में कार्यकर्ताओं को बताया जा रहा है कि ऐसे प्रचार का तथ्यों के आधार पर जवाब कैसे दिया जाए। कांग्रेस की रणनीति है कि हर व्यक्ति को न्याय मिले और प्रत्येक कार्यकर्ता को सम्मान मिले।

किसानों के मुद्दे पर सिंघार ने कहा कि सरकार ने उनसे किए गए कई वादे पूरे नहीं किए। सोयाबीन और मूंग की खरीदी, धान और इथेनॉल से जुड़े मामलों सहित कई विषयों पर किसानों के साथ वादाखिलाफी हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि किसान लगातार परेशान हैं और सरकार उनकी समस्याओं का समाधान करने में विफल रही है। इन सभी मुद्दों पर कांग्रेस विधायक दल की बैठक में आगे की रणनीति बनाई जाएगी।

युवाओं के रोजगार को लेकर उन्होंने कहा कि सरकार नौकरियां देने के बजाय रोजगार के अवसर कम कर रही है। उन्होंने ओबीसी आरक्षण का मुद्दा भी उठाते हुए आरोप लगाया कि सरकार इस वर्ग को उसका अधिकार देने में गंभीर नहीं है।

प्रदेश पर बढ़ते कर्ज को लेकर सिंघार ने कहा कि सरकार पर करीब पांच लाख करोड़ रुपये का कर्ज है, लेकिन उसे चुकाने की कोई स्पष्ट योजना नहीं है। इसका बोझ आम जनता पर महंगाई, पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों और बिजली बिलों के रूप में पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार के पास आर्थिक प्रबंधन का कोई ठोस रोडमैप नहीं है और वह बिना योजना के कर्ज लेकर काम चला रही है।

उन्होंने अवैध वसूली, रॉयल्टी, अवैध शराब कारोबार और भ्रष्टाचार के मामलों का भी जिक्र किया। उनका आरोप था कि प्रमाण सामने आने के बावजूद जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई नहीं की जाती। नर्सिंग घोटाले का उल्लेख करते हुए उन्होंने परिवहन मंत्री और विश्वास सारंग पर कार्रवाई नहीं होने पर भी सवाल उठाए।

लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के मुद्दे पर सिंघार ने कहा कि भाजपा लोकतांत्रिक आवाजों को दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार मीडिया की स्वतंत्रता पर भी दबाव बनाना चाहती है और केवल अपनी बात ही जनता तक पहुंचाना चाहती है। उन्होंने कहा कि जनता अब सब समझ रही है। पेपर लीक जैसी घटनाओं से युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है, लेकिन सरकार उनकी पीड़ा को गंभीरता से नहीं सुन रही।

बारिश की कम संभावना पर पूछे गए सवाल पर नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि यदि प्रदेश में सूखे जैसी स्थिति बनने की आशंका है तो सरकार को अभी से आकस्मिक कार्ययोजना तैयार करनी चाहिए, ताकि किसानों को समय पर राहत और आवश्यक सहायता मिल सके।

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