Logo
ब्रेकिंग
रात की बारिश में खोलने पड़े सतपुड़ा के 7 गेट, झरने बह निकले बारिश में ढही दीवार ,दबने से मजदूर की मौत ।बैतूल में 93.4 mm बारिश घर में सो रहा था मासूम,जाने क्या हुआ चली गई जान? नजर आया था जहरीला सांप पर काटने के निशान नहीं मिले 5 लाख की चोरी का दूसरा आरोपी भी दबोचा, ₹10 हजार का इनामी निकला आदतन नकबजन लल्ली चौक का बदलेगा लुक, लगेगा क्लॉक टावर, नगर पालिका बिल्डिंग का पुराना स्वरूप संवरेगा बेंगलुरु से लौट रहे बिहारी युवक की ट्रेन में गई जान, जीआरपी ने किया था रेस्क्यू बैतूल: कोबरा से भी ज्यादा जहरीला कॉमन करैत मकान में निकला, सर्पमित्र ने सुरक्षित किया रेस्क्यू बैतूल की महिला की चिट्ठी राष्ट्रपति भवन पहुंची, असम के CM को भेजा गया मामला... 2 साल बाद मिला पति का... MP News: आदिवासी छात्रों के लिए बड़ी खुशखबरी, आवास सहायता योजना से मिलेगी आर्थिक मदद कारगिल विजय दिवस 2026: देश आज मना रहा 27वां कारगिल विजय दिवस, वीर शहीदों को श्रद्धांजलि
Header Ad

जम्मू-कश्मीर से लेकर गुजरात तक… पाकिस्तान से सटे राज्यों में कल मॉक ड्रिल, लोगों को किया जाएगा अलर्ट

भारत और पाकिस्तान के तनाव के बीच एहतियातन पाकिस्तान से सटे राज्यों में मॉक ड्रिल कराई जाएगी. कल शाम यानी 29 मई को मॉक ड्रिल होगी. गुजरात, पंजाब, राजस्थान, जम्मू कश्मीर में मॉक ड्रिल के जरिए नागरिकों को युद्ध की परिस्थितियों से निपटने के लिए अवगत कराया जाएगा. साथ ही लोगों को सतर्क रहने की हिदायत दी जाएगी. प्रशासनिक स्तर पर भी मॉक ड्रिल, ब्लैक आउट, मॉल खाली कराना आदि तैयारियों का जायजा लिया जाएगा.

मॉक ड्रिल एक है प्रैक्टिस है जो वास्तविक समय की आपातस्थिति का अनुकरण करता है. मॉकड्रिल के जरिए लोगों और संगठनों की संभावित कमजोरियों का मूल्यांकन किया जाता है. उनकी कमजोरियों में सुधार करने के लिए कई प्रक्रियाओं को फॉलो किया जाता है, ताकि युद्ध जैसी परिस्थियों में लोग अपनी सुरक्षा का ज्यादा से ज्यादा बचाव और ख्याल खुद ही रख सकें.

ब्लैक आउट में क्या होता है?

युद्ध के समय ब्लैकआउट को दुश्मन के हमलावरों या निगरानी से महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे और नागरिक क्षेत्रों को छिपाने के लिए लागू किया जाता है. सभी स्ट्रीट लाइट, घरेलू लाइट, गाड़ियों की हेडलाइट और सार्वजनिक लाइटिंग बंद कर दी जाती है या ढक दी जाती है ताकि शहर आसमान से अंधेरा दिखाई दे. लाइट को बाहर निकलने से रोकने के लिए खिड़कियों पर काले कागज, पर्दे या ढाल का उपयोग किया जाता है. इसकी प्रैक्टिस मॉक ड्रिल के समय भी की जाएगी.

मॉक ड्रिल का उद्देश्य व्यक्तियों और संगठनों को वास्तविक आपात स्थितियों के दौरान प्रभावी ढंग से प्रतिक्रिया करने के लिए तैयार करना है. यह एक नकली अभ्यास है जो सेफ्टी से जुड़ी स्थिति में नागरिकों की ताकत, कमजोरियों और सुधार के क्षेत्रों की पहचान करने में मदद करता है.

हाल ही में भारत ने पहलगाम आतंकी हमले का बदला लेने के लिए 7 को पाकिस्तान के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर शुरू करने के पहले देश में मॉक ड्रिल का आयोजन किया था.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.