
बैतूल। बेंगलुरु से बिहार लौट रहे एक युवक की संघमित्रा एक्सप्रेस में यात्रा के दौरान तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। रविवार को युवक को अचेत अवस्था में बैतूल रेलवे स्टेशन पर ट्रेन से उतारकर जिला अस्पताल पहुंचाया गया था, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सोमवार को बिहार से पहुंचे परिजनों की मौजूदगी में जिला अस्पताल में शव का पोस्टमार्टम कराया गया, जिसके बाद शव उन्हें सौंप दिया गया।

जीआरपी चौकी प्रभारी **रविश कुमार** ने बताया कि रेलवे के डिप्टी एसएस से जीआरपी को मेमो प्राप्त हुआ था। सूचना में बताया गया था कि संघमित्रा एक्सप्रेस के एक कोच में सफर कर रहे युवक की तबीयत गंभीर है और वह अचेत अवस्था में है। सूचना मिलते ही जीआरपी टीम बैतूल रेलवे स्टेशन पहुंची और युवक को ट्रेन से उतारकर तत्काल एंबुलेंस की मदद से जिला अस्पताल भेजा, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
मृतक की पहचान **विशाल मांझी (21)** पिता विजय मांझी, निवासी जिला सारण (बिहार) के रूप में हुई है। विशाल बेंगलुरु में मजदूरी करता था और अपने घर बिहार लौट रहा था।
जीआरपी ने युवक के पास मिले मोबाइल फोन से उसके परिजनों से संपर्क किया। परिजनों ने पुलिस को बताया कि विशाल पिछले करीब एक सप्ताह से बीमार था और उसे टाइफाइड की शिकायत थी। इलाज और आराम के लिए वह अपने घर लौट रहा था, लेकिन रास्ते में ही उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई।
सोमवार को विशाल के परिजन बिहार से बैतूल पहुंचे। जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम की कार्रवाई पूरी होने के बाद पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया। जीआरपी के अनुसार प्रारंभिक तौर पर युवक के पहले से बीमार होने की जानकारी सामने आई है। हालांकि मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल पुलिस मर्ग कायम कर मामले की जांच कर रही है।
