Logo
ब्रेकिंग
घर में सो रहा था मासूम,जाने क्या हुआ चली गई जान? नजर आया था जहरीला सांप पर काटने के निशान नहीं मिले 5 लाख की चोरी का दूसरा आरोपी भी दबोचा, ₹10 हजार का इनामी निकला आदतन नकबजन लल्ली चौक का बदलेगा लुक, लगेगा क्लॉक टावर, नगर पालिका बिल्डिंग का पुराना स्वरूप संवरेगा बेंगलुरु से लौट रहे बिहारी युवक की ट्रेन में गई जान, जीआरपी ने किया था रेस्क्यू बैतूल: कोबरा से भी ज्यादा जहरीला कॉमन करैत मकान में निकला, सर्पमित्र ने सुरक्षित किया रेस्क्यू बैतूल की महिला की चिट्ठी राष्ट्रपति भवन पहुंची, असम के CM को भेजा गया मामला... 2 साल बाद मिला पति का... MP News: आदिवासी छात्रों के लिए बड़ी खुशखबरी, आवास सहायता योजना से मिलेगी आर्थिक मदद कारगिल विजय दिवस 2026: देश आज मना रहा 27वां कारगिल विजय दिवस, वीर शहीदों को श्रद्धांजलि यूसीसी की जरूरत क्यों पड़ी, सरकार पहले बताए जनता की राय क्या है: उमंग सिंघार खाटू श्याम जा रहे बाइक सवारों को कार ने मारी टक्कर,वृद्धा की मौत, दो घायल
Header Ad

बैतूल: गोंडवाना स्टूडेंट्स यूनियन ने मेडिकल छात्र की संदिग्ध मौत की उच्च स्तरीय जांच की मांग की, छात्रवृत्ति व छात्र हितों को लेकर भी सौंपा ज्ञापन

0

बैतूल– गोंडवाना स्टूडेंट्स यूनियन इंडिया (GSU) जिला बैतूल इकाई ने आज दो अलग-अलग ज्ञापन सौंपकर छात्रों से जुड़ी गंभीर समस्याओं को लेकर प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया। यूनियन ने एक ओर प्रदेशभर के अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति और छात्रावास से जुड़ी समस्याओं के निराकरण की मांग की, वहीं दूसरी ओर एमबीबीएस छात्र यशराजे उइके की संदिग्ध मृत्यु की उच्च स्तरीय जांच की मांग भी उठाई।

 

यूनियन ने बताया कि यशराजे उइके, निवासी बासन्याढाना (घोड़ाडोंगरी), ने बिना कोचिंग के NEET परीक्षा पास कर एमबीबीएस में प्रवेश पाया था और गजराज मेडिकल कॉलेज में अध्ययनरत था। उसे रविशंकर शुक्ल जूनियर बॉयज छात्रावास में रूम मिलना था, लेकिन जगह न मिलने के कारण वह अपने साथी के साथ निजी तौर पर रह रहा था।

रात के समय छात्रावास भवन की तीसरी मंजिल से गिरकर उसकी मौत हो गई, जबकि छात्रावास प्रबंधन ने पहली मंजिल से गिरना बताया। यूनियन ने यह भी बताया कि यशराज का मोबाइल तीसरी मंजिल पर मिला, जिससे घटना पर संदेह और गहराता है। संगठन ने आरोप लगाया कि यह मामला जातिगत रूप से प्रेरित हो सकता है, क्योंकि मृतक आदिवासी छात्र था।

 

यूनियन ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि मामले की जांच पांचवीं अनुसूची क्षेत्र के नियमों के तहत कराई जाए और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।

 

इसी के साथ गोंडवाना स्टूडेंट्स यूनियन ने मुख्यमंत्री, उच्च शिक्षा मंत्री और अनुसूचित जनजाति आयोग को संबोधित **एक अन्य ज्ञापन** भी सौंपा, जिसमें छात्रवृत्ति वितरण में देरी, नर्सिंग छात्रों की लंबित छात्रवृत्ति, छात्रावासों में सीटों की कमी, छात्राओं के लिए सैनिटरी पैड की व्यवस्था, और कॉलेजों में स्टेशनरी व पुस्तकों की समय पर उपलब्धता जैसी मांगें शामिल थीं।

 

यूनियन ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई, तो संगठन प्रदेशव्यापी आंदोलन के लिए बाध्य होगा।

Leave A Reply

Your email address will not be published.