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ई-साइकिल की बैटरी में धमाका, दिव्यांग युवक जिंदा जला

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बैतूल (म.प्र.)। जिले की कोयला नगरी सारनी में शुक्रवार रात एक दर्दनाक हादसा हो गया। जय स्तंभ चौक के पास एक दिव्यांग युवक की तीन पहिया बैटरी चालित साइकिल में अचानक ब्लास्ट हो गया, जिससे आग लग गई। आग की चपेट में आने से युवक की मौके पर ही जिंदा जलकर मौत हो गई।

 

हादसे में मृतक की पहचान सुनील कुमार लोखंडे (गुड्डू) पिता बलीराम लोखंडे निवासी सारनी के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि सुनील दिव्यांग होने के बावजूद बच्चों को ट्यूशन पढ़ाकर अपना जीवनयापन करते थे।

 

मृतक के भाई राजेश लोखंडे के मुताबिक, सुनील ने इंजीनियरिंग (B.E.) की पढ़ाई की थी। वे दो भाइयों में छोटे थे। पढ़ाई के दौरान ही उनके जोड़ों का लिक्विड सूखने लगा, जिससे धीरे-धीरे उन्हें चलने-फिरने में दिक्कत होने लगी और करीब 15 साल पहले वे पूरी तरह दिव्यांग हो गए। बावजूद इसके उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और बच्चों को पढ़ाकर जीवनयापन करते रहे। उनका अब तक विवाह नहीं हुआ था।

 

राजेश ने बताया कि जिस तीन पहिया ट्राइसाइकिल में यह हादसा हुआ, वह करीब ढाई साल पहले स्व-निधि योजना के तहत नगर पालिका द्वारा दी गई थी। उसमें पहले कभी कोई समस्या नहीं आई थी। उन्होंने कहा, “रात को अचानक ऐसा क्या हुआ, हम भी समझ नहीं पा रहे हैं।”

 

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अचानक बैटरी में जोरदार धमाका हुआ और साइकिल में आग लग गई। पास ही मौजूद दुकानदार बिल्लू जगदेव ने पानी डालकर आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन तब तक लपटें विकराल रूप ले चुकी थीं और सुनील को बचाया नहीं जा सका।

 

घटना की सूचना मिलते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए और पुलिस को जानकारी दी गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए घोड़ाडोंगरी भेजा, जहां आज पीएम किया जाएगा।

 

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि यह साइकिल नगर पालिका द्वारा दी गई दिव्यांग सहायता योजना के तहत थी, तो बैटरी की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल उठते हैं।

 

इस हृदयविदारक हादसे के बाद सारनी नगर में शोक का माहौल है। लोग मांग कर रहे हैं कि घटना की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए और यह पता लगाया जाए कि बैटरी ब्लास्ट कैसे हुआ, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

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