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उत्तर बंगाल में भारी तबाही! लैंडस्लाइड के मलबे से NH 10 बंद, अब तक 13 लोगों की मौत की पुष्टि

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दक्षिण बंगाल में दुर्गा पूजा से पहले ही भारी बारिश हुई. इस बार उत्तर बंगाल प्रकृति के प्रकोप से जूझ रहा है. कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है. पहाड़ी जिलों में सबसे ज्यादा बारिश हो रही है. भारी बारिश के कारण पहाड़ी नदियां उफान पर हैं. तीस्ता, तोरसा, रैदक और जलढाका नदियों में पानी खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है.

राष्ट्रीय राजमार्ग पर भूस्खलन हुआ है. पुल ढह गए हैं. सड़कें तबाह हो गई हैं. मिरिक में एक के बाद एक मौत की खबरें सामने आ रही हैं. मिरिक में 9, सुखिया में 4 लोगों की मौत हो गई है. इस आपदा में कुल 13 लोगों की मौत की खबर सामने आ रही है. मिरिक से सात शव पहले ही बरामद किए जा चुके हैं. बनवासी, गोयरकाटा, नागराकाटा जैसे इलाकों में भूस्खलन हुआ है.

दार्जिलिंग बिशप हाउस के पास भूस्खलन

इस कारण पहाड़ियों के पास के घरों और नदी के पास के घरों से लोगों को जल्द से जल्द निकालने की कोशिश की जा रही हैं. आपदा के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 10 भी बंद है. दार्जिलिंग बिशप हाउस के पास भी भूस्खलन हुआ है. वहां पत्थर हटाने का काम चल रहा है. मिरिक में फंसे पर्यटकों को बचाने की कोशिश की जा रही है.

सिलीगुड़ी और सिक्किम को जोड़ने वाले वैकल्पिक मार्ग, राष्ट्रीय राजमार्ग 717E पर भूस्खलन के कारण यातायात ठप हो गया है. भारी बारिश ने उत्तर बंगाल में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है. दार्जिलिंग के मिरिक और सुखिया में कई भूस्खलनों के बाद एक बच्चे सहित कम से कम तीन लोगों की जान चली गई है. इन तीन लोगों में से दो की मौत मिरिक के जसबीर बस्ती इलाके में हुए एक बड़े भूस्खलन के बाद हुई.

बचाव और राहत का काम जारी

अधिकारियों का कहना है कि बचाव और राहत का काम जारी है. मृतकों की संख्या अभी और बढ़ सकती है. वहीं तीस्ता बाजार इलाका पानी में डूबा हुआ है. पानी सड़क के ऊपर बह रहा है. लगातार बारिश के कारण कई इलाके ध्वस्त हो रहे हैं. इससे सिक्किम और दार्जिलिंग-कलिम्पोंग के बीच संचार व्यवस्था टूट गई है.

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