Logo
ब्रेकिंग
बेजुबान के लिए इंसानियत: झुलसे बंदर को युवकों ने गोद में बैठाकर 35 किमी दूर पहुंचाया अस्पताल बैतूल के छात्रों का कमाल: गुंजन देशमुख 10वीं में 5वें स्थान पर, ऋतुजा देशपांडे 12वीं गणित में 7वीं र... बैतूल: शराब दुकानों के टेंडर में लापरवाही, जिला आबकारी अधिकारी अंशुमन सिंह चिढ़ार निलंबित बैतूल जिले की नगरपालिकाओं में एल्डरमैन नियुक्त VIDEO :Fire 🔥 on highway बैतूल भोपाल हाइवे पर ट्राला पलटा,लगी आग The court's decision शादी में चाकू बाजी में हुई हत्या के दोषियों को उम्रकैद अंतर्राज्यीय बाइक चोर पकड़ाया, भैंसदेही पुलिस ने जंगल में छिपाकर रखी बाइकें बरामद भाजपा नेता की जमीन नपवाने गए राजस्व, पुलिस अमले पर हमला बैतूल में हेलमेट चेकिंग अभियान: 14 कर्मचारियों पर जुर्माना, प्रशासन की सख्ती बढ़ी शनिवार बैतूल आयेंगे सीएम मोहन यादव,सुरभि खण्डेलवाल को अर्पित करेंगे श्रद्धा सुमन
Header Ad

महाराष्ट्र: मनोज जरांगे को झटका, बॉम्बे हाईकोर्ट ने आजाद मैदान में प्रदर्शन करने पर लगाई रोक

0

महाराष्ट्र में एक बार फिर से मराठा आरक्षण को लेकर सूबे में आंदोलन की तैयारी की जा रही है. मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे पाटिल ने 29 अगस्त से मुंबई के आजाद मैदान में विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया है. इस बीच बॉम्बे हाईकोर्ट ने आजाद मैदान में विरोध प्रदर्शन करने पर रोक लगा दी है. कोर्ट ने कहा है कि राज्य सरकार को खारघर या नवी मुंबई में कहीं और विरोध प्रदर्शन के लिए जगह आवंटित करनी चाहिए.

हाई कोर्ट ने ने गणेश उत्सव के दिनों में मुंबई में विरोध प्रदर्शन की अनुमति न देने और मुंबई में यातायात में व्यवधान पैदा करने वाली असुविधा से बचने के लिए ये निर्देश दिया हैं. कोर्ट ने यह कदम जरांगे पाटिल द्वारा राज्य सरकार को चेतावनी दिए जाने के बाद उठाया गया है कि अगर मांगें पूरी नहीं हुईं तो वो मुंबई पहुंचेंगे. उन्होंने लोगों से भारी संख्या में इस आंदोलन में भाग लेने की अपील की थी.

‘प्रदर्शन सिर्फ निर्धारित स्थानों पर ही होने चाहिए’

मंगलवार को बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जारंगे अधिकारियों की पूर्व अनुमति के बिना विरोध प्रदर्शन नहीं कर सकते. इसके लिए कोर्ट ने गणेश उत्सव के दौरान मुंबई में कानून-व्यवस्था की स्थिति का हवाला दिया. मुख्य न्यायाधीश आलोक अराधे और न्यायमूर्ति संदीप मार्ने की बेंच ने कहा कि लोकतंत्र और असहमति साथ-साथ चलते हैं, लेकिन प्रदर्शन सिर्फ निर्धारित स्थानों पर ही होने चाहिए.

‘प्रदर्शन के लिए राज्य सरकार कोई वैकल्पिक स्थान दे’

बेंच ने कहा कि राज्य सरकार इस बारे में निर्णय ले सकती है कि जरांगे को शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के लिए नवी मुंबई के खारघर में कोई वैकल्पिक स्थान दिया जाए या नहीं, ताकि मुंबई में जनजीवन बाधित न हो. कोर्ट ने कहा कि सार्वजनिक सभाओं और आंदोलन के लिए नए नियमों के तहत अनुमति मिलने के बाद शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किया जा सकता है.

मनोज जरांगे पाटिल का अल्टीमेटम

मनोज जरांगे पाटिल ने बीते सोमवार को महाराष्ट्र के जालना में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए बताया था कि वो 29 अगस्त से मुंबई के आजाद मैदान में बेमियादी उपोषण (अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल) शुरू करेंगे. इसके साथ ही उन्होंने ये भी कहा था कि जब उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी तब तक वो मुंबई नहीं छोड़ेंगे. फिर चाहे सरकार कोई भी वजह बताए, अब हम नहीं सुनेंगे.

‘मराठा समाज के साथ अन्याय बंद होना चाहिए’

उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को चेतावनी देते हुए कहा था कि मराठा समाज के साथ अन्याय बंद होना चाहिए. जरांगे ने कहा कि सीएम फडणवीस एक व्यक्ति की बात मानकर मराठा समाज के खिलाफ गलत फैसला कर रहे हैं, जो बिल्कुल स्वीकार्य नहीं है. उन्होंने कहा कि मराठा समाज के लिए यह लड़ाई एक अहम मुद्दा है और वो इसे जीतकर ही लौटेंगे. उन्होंने ये भी कहा था कि मराठा समाज के लोग के साथ हैं और वो मुंबई जाकर अपनी मांगों को मजबूती के साथ उठाएंगे.

Leave A Reply

Your email address will not be published.