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दलित दूल्हे को नहीं हुए भगवान राम के दर्शन, मंदिर में जाने से रोका

इंदौर के राजेंद्र नगर में एक दलित दूल्हे को राम मंदिर में प्रवेश से रोकने का मामला सामने आया है. आरोप है कि खाती समाज के लोगों ने मंदिर को व्यक्तिगत बताते हुए दूल्हे को प्रवेश करने से मना कर दिया. विवाद बढ़ने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दूल्हे को बाहर से ही दर्शन कराया गया. घटना से दलित समुदाय में रोष है.

मध्य प्रदेश में इंदौर के राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र में एक हैरान करने वाली घटना हुई है. यहां एक दलित दूल्हे को भगवान श्रीराम के मंदिर में प्रवेश करने से रोक दिया गया है. मामला कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के गृह क्षेत्र में निहालपुर मुंडी का है. विवाद बढ़ने पर घटना की जानकारी पुलिस को दी गई. इसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने दूल्हे को मंदिर के बाहर से ही दर्शन कराया. इसके बाद बारात रवाना हो गई. उधर, मंदिर प्रबंधन ने अपना व्यक्तिगत मंदिर बताया है.

जानकारी के मुताबिक निहालपुर मुंडी गांव के रहने वाले दलित युवक विशाल चौहान की बारात निकल रही थी. घोड़े पर सवार होकर दूल्हा बना विशाल अपने घर से निकला और थोड़ी दूरी पर स्थित राम मंदिर में दर्शन करने पहुंचा. आरोप है कि मंदिर पर मौजूद खाती समाज के लोग मौजूद थे. उन्होंने दूल्हे विशाल चौहान को मंदिर में प्रवेश करने से रोक दिया. कहा कि यह उनका व्यक्तिगत मंदिर है, इसलिए इसमें किसी को एंट्री नहीं दी जाएगी. कहा कि दूलहा चाहें तो बाहर से ही दर्शन कर सकता है.

खाती समाज के लोगों पर आरोप

इस बात को लेकर विवाद बढ़ा तो राजेंद्र नगर थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया. आखिर में दूल्हे को मंदिर के गेट से ही भगवान के दर्शन कराकर रवाना किया गया. दूल्हे के परिजन बलराम गौड़ ने इस घटना पर आपत्ति जताई. कहा कि घर से रवाना होने के बाद बारात मंदिर पर दर्शन के लिए रूकी थी, लेकिन वहां मौजूद खाती समाज के लोगों ने दूल्हे को मंदिर में घुसने से रोक दिया. बलराम ने आरोप लगाया कि पुलिस भी मौके पर पहुंची, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की.

मौके पर पहुंची थी पुलिस

ऐसे में बारात बिना मंदिर में दर्शन किए ही रवाना हो गई. कहा कि जल्द ही इस मामले में पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को शिकायत दी जाएगी. इस घटना के संबंध में जब गांव के लोगों से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि कुछ लोगों ने दूल्हे को मंदिर में प्रवेश करने से रोका था, लेकिन बाद में समझा बुझाकर दूल्हे को दर्शन कराया गया है. उधर, एडिशनल डीसीपी आलोक शर्मा ने बताया कि इस संबंध में सूचना मिली थी. इसमें बताया गया था कि दलित दूल्हे को मंदिर में प्रवेश नहीं करने दिया जा रहा है. इसके बाद मौके पर राजेंद्र नगर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को समझा कर दूल्हे को मंदिर में प्रवेश कराया गया.

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