Logo
ब्रेकिंग
लल्ली चौक का बदलेगा लुक, लगेगा क्लॉक टावर, नगर पालिका बिल्डिंग का पुराना स्वरूप संवरेगा बेंगलुरु से लौट रहे बिहारी युवक की ट्रेन में गई जान, जीआरपी ने किया था रेस्क्यू बैतूल: कोबरा से भी ज्यादा जहरीला कॉमन करैत मकान में निकला, सर्पमित्र ने सुरक्षित किया रेस्क्यू बैतूल की महिला की चिट्ठी राष्ट्रपति भवन पहुंची, असम के CM को भेजा गया मामला... 2 साल बाद मिला पति का... MP News: आदिवासी छात्रों के लिए बड़ी खुशखबरी, आवास सहायता योजना से मिलेगी आर्थिक मदद कारगिल विजय दिवस 2026: देश आज मना रहा 27वां कारगिल विजय दिवस, वीर शहीदों को श्रद्धांजलि यूसीसी की जरूरत क्यों पड़ी, सरकार पहले बताए जनता की राय क्या है: उमंग सिंघार खाटू श्याम जा रहे बाइक सवारों को कार ने मारी टक्कर,वृद्धा की मौत, दो घायल 18 किमी पैदल चलकर कलेक्ट्रेट पहुंचे आदिवासी छात्र, अधीक्षक पर मारपीट और वसूली के आरोप रेगिस्तान में बसा इंजीनियरिंग का चमत्कार: 2200 साल पहले बिना नदी के कैसे बसा शहर ? आज भी वैज्ञानिक इ...
Header Ad

जीतू पटवारी ने सरकार पर लगाए भेदभाव के आरोप, बोले- सिर्फ भाजपा विधायकों को दी जा रही विकास निधि

भोपाल : मध्य प्रदेश के कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मध्य प्रदेश सरकार पर विकास निधि के आबंटन में भेदभाव के आरोप लगाए हैं। उन्होंने सीएम मोहन यादव को पत्र लिखकर कई सवाल उठाए हैं। जीतू पटवारी ने दावा किया है कि सरकार सिर्फ भाजपा विधायकों को ही विकास निधि दे रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा के विधायकों को विधानसभा क्षेत्र के विकास के लिए 15 करोड़ रुपये की निधि प्रदान की जा रही है, जबकि कांग्रेस पार्टी के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के क्षेत्रों को इस विकास निधि से वंचित रखा जा रहा है। यह न केवल जनप्रतिनिधियों के साथ अन्याय है, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक मर्यादाओं का भी खुला उल्लंघन है।

जीतू पटवारी ने दावा किया कि भाजपा विधायकों को दी गई विकास निधि का 30-40% हिस्सा भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रहा है। कहा, इसका बड़ा हिस्सा ठेकेदार और नौकरशाहों के बीच कमीशनखोरी के तौर पर बंट रही है। जनहित में महज 30-35 फीसदी राशि ही खर्च होती है।

जीतू पटवारी ने मांग की कि
1. सभी विधायकों को, चाहे वे किसी भी दल से हों, समान रूप से 15 करोड़ रुपये की विकास निधि प्रदान की जाए।
2. निधि के आवंटन और व्यय की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाए, ताकि भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी पर रोक लगाई जा सके।
3. जिन अधिकारियों और ठेकेदारों पर कमीशनखोरी और भ्रष्टाचार के आरोप हैं, उनकी निष्पक्ष जांच कर कठोर कार्रवाई की जाए।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.