Logo
ब्रेकिंग
लल्ली चौक का बदलेगा लुक, लगेगा क्लॉक टावर, नगर पालिका बिल्डिंग का पुराना स्वरूप संवरेगा बेंगलुरु से लौट रहे बिहारी युवक की ट्रेन में गई जान, जीआरपी ने किया था रेस्क्यू बैतूल: कोबरा से भी ज्यादा जहरीला कॉमन करैत मकान में निकला, सर्पमित्र ने सुरक्षित किया रेस्क्यू बैतूल की महिला की चिट्ठी राष्ट्रपति भवन पहुंची, असम के CM को भेजा गया मामला... 2 साल बाद मिला पति का... MP News: आदिवासी छात्रों के लिए बड़ी खुशखबरी, आवास सहायता योजना से मिलेगी आर्थिक मदद कारगिल विजय दिवस 2026: देश आज मना रहा 27वां कारगिल विजय दिवस, वीर शहीदों को श्रद्धांजलि यूसीसी की जरूरत क्यों पड़ी, सरकार पहले बताए जनता की राय क्या है: उमंग सिंघार खाटू श्याम जा रहे बाइक सवारों को कार ने मारी टक्कर,वृद्धा की मौत, दो घायल 18 किमी पैदल चलकर कलेक्ट्रेट पहुंचे आदिवासी छात्र, अधीक्षक पर मारपीट और वसूली के आरोप रेगिस्तान में बसा इंजीनियरिंग का चमत्कार: 2200 साल पहले बिना नदी के कैसे बसा शहर ? आज भी वैज्ञानिक इ...
Header Ad

ग्वालियर: SAF कॉन्स्टेबल को नशा मुक्ति केंद्र में करवाया था भर्ती, 24 घंटे बाद मौत… परिजनों ने लगाए ये गंभीर आरोप

0

मध्य प्रदेश के ग्वालियर के एक और नशा मुक्ति केंद्र में मौत का मामला सामने आया है. नशा मुक्ति केंद्र में एक पुलिस जवान की पीट पीटकर हत्या करने का आरोप लगा है. मृतक की पहचान कॉन्सटेबल अजय भदौरिया के रूप में हुई है. अजय भदौरिया नशे का आदी था, जिसको 23 जुलाई को नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती कराया था. अजय को भर्ती करने के 24 घंटे बाद ही नशा मुक्ति केंद्र में उनकी मौत हो गई.

ये मामला ग्वालियर के बिजौली थाना क्षेत्र के मंथन नशा मुक्ति केंद्र का है. पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है. नशा मुक्ति केंद्र में जिस SAF पुलिस जवान अजय भदौरिया की मौत हुई. वह भिंड जिले का रहने वाला था और वह मंदसौर में पोस्टेड था. अजय शराब पीने का आदी था. अजय की शराब पीने के तल छुड़ाने के लिए परिजन ने उन्हें नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती कराया था.

24 घंटे में पीट-पीटकर की हत्या

24 जुलाई को अजय भदौरिया की मौत हो गई थी. परिजन का आरोप है कि 24 घंटे में पीट-पीटकर कॉन्सटेबल की हत्या कर गई. नशा मुक्ति केंद्र के संचालक शव का पोस्टमार्टम नहीं करने दे रहे थे. पुलिस आने के बाद शव का पोस्टमार्टम कराया गया. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उनके पूरे शरीर पर चोट के निशान पाए गए. पोस्टमार्टम में खुलासा हुआ है कि मौत पिटाई की वजह से ही हुई है.

पुलिस मामले की जांच में जुटी

परिजन ने कहा कि मंथन नशा मुक्ति केंद्र के संचालक और उसके साथियों पर हत्या का मामला दर्ज होना चाहिए. हालांकि, पुलिस का कहना है कि मृतक जवान का 10 दिन पहले ही एक्सीडेंट भी हुआ था. इस वजह से पोस्टमार्टम में चोट आई, लेकिन पुलिस परिजन के आरोपों के चलते जांच कर रही है. जांच के बाद पुलिस आगे की कार्रवाई करेगी. इस मामले की जांच के लिए कलेक्टर ने एक टीम का गठन भी किया है. इससे पहले एक बैंक के फील्ड ऑफिसर पंकज शर्मा की नशा मुक्ति केंद्र में मौत हो गई थी. उनके शरीर पर भी चोट के निशान पाए गए थे.

Leave A Reply

Your email address will not be published.