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राजगढ़: 11वीं की स्मार्ट क्लास में चल रही थी अश्लील फिल्म, वीडियो वायरल हुआ तो प्रिंसिपल बोले- ये तो 10 महीने पुराना…

 मध्य प्रदेश के राजगढ़ स्थित सुठालिया में PM श्री शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय से एक शर्मनाक मामला सामने आया है. यहां स्मार्ट क्लास में छात्र अश्लील वीडियो देखते मिले. सोशल मीडिया पर इसका वीडियो वायरल हुआ तो शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया. स्कूल के प्रिंसिपल ने इस पर सफाई दी है. कहां यह वीडियो वर्तमान कार्यकाल का नहीं है और करीब 8-10 महीने पुराना है. जबकि, उनकी ज्वाइनिंग हाल फिलहाल में हुई है.

वीडियो वायरल होने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने तीन प्राचार्यों की टीम गठित कर जांच के आदेश दिए हैं. स्कूल के प्राचार्य ने कहा- कल कोई स्थानीय व्यक्ति ने मुझे यह वीडियो दिखाकर पचास हजार मांग रहा था. जब मैंने उसे पैसे नहीं दिए तो उसने यह वीडियो वायरल कर दिया. खैर सच्चाई क्या है यह तो जांच के बाद ही पता चलेगा. लेकिन इतना तय है कि यहां शिक्षा व्यवस्था बदहाल है. स्थानीय लोग इस मामले में दोषियों पर कारवाई की मांग कर रहे हैं.

वीडियो के सामने आते ही जिला शिक्षा अधिकारी करण सिंह भिलाला ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं. ब्लॉक एजुकेशन ऑफिसर, जीरापुर उत्कृष्ट स्कूल के प्राचार्य और तलेन स्कूल के प्रधानाचार्य की तीन सदस्यीय समिति बनाई गई है, जो घटना की विस्तृत जांच कर प्रतिवेदन सौंपेगी.

स्कूल प्रबंधन ने सफाई दी है कि यह वीडियो वर्तमान कार्यकाल का नहीं है और करीब 8-10 महीने पुराना है. प्राचार्य हेमंत यादव ने कहा- मुझे नहीं पता कि यह वीडियो कब और कैसे वायरल हुआ, लेकिन यह मेरे कार्यकाल का नहीं है. स्कूल के अन्य टीचर और स्टाफ भी मामले से पल्ला झाड़ रहा है. स्कूल के लोगों का कहना है कि किस कक्षा में बच्चे क्या कर रहे हैं, इस पर हमेशा निगाह नहीं रखी जा सकती. ऐसे में यह घटना हो गई. कक्षा ग्यारहवीं के छात्रों से इस बारे में पूछताछ की जा रही है. कुछ बच्चों का नाम भी सामने आया है. अब उन सभी बच्चों के माता-पिता से बातचीत की जाएगी. बच्चों की कॉउंसिलिंग भी होगी. घटनाक्रम के लिए दोषी स्टूडेंट और टीचर्स पर कार्रवाई तो तय है.

डिजिटल उपकरणों की निगरानी बढ़ाने के आदेश

शिक्षा विभाग ने घटना के बाद सभी स्कूलों में डिजिटल उपकरणों की निगरानी बढ़ाने के आदेश दिए हैं. अब हर कक्षा में सीसीटीवी कैमरे लगाने, स्मार्ट स्क्रीन को पासवर्ड से सुरक्षित रखने और WiFi उपयोग पर सख्त नियंत्रण की हिदायत दी गई है. अभिभावकों का कहना है कि ऐसे मामलों में त्वरित और सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोहराई न जाएं.

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