
गैंगरेप केस में तीन दोषी, एक बरी — कोर्ट ने सुनाई 20-20 साल की सजा
बैतूल। द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश की अदालत ने शुक्रवार देर शाम चिचोली थाना इलाके के एक बहुचर्चित गैंगरेप मामले में तीन आरोपियों को दोषी करार देते हुए 20-20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। वहीं, चौथे आरोपी ओझा बटके को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया गया। यह मामला थाना घटना अगस्त 2022 में हुई सामूहिक दुष्कर्म की वारदात से जुड़ा है।
अभियोजन के अनुसार 19 वर्षीय पीड़िता मजदूरी का कार्य करती थी। 23 अगस्त 2022 की रात वह अपने चचेरे भाई के साथ अपने गांव के बस स्टैंड पर बस का इंतजार कर रही थी। तभी ओझा बटके अपनी कार से आया, जिसमें कालेसिंह उर्फ कालिया मर्सकोले, सालकराम बटके और राहुल मर्सकोले भी बैठे थे। ओझा ने कहा कि वह पीड़िता को भीमपुर छोड़ देगा। जिस पर भाई ने उसे भेज दिया। रास्ते में एक मंदिर के पास कार रोककर ओझा, कालिया और सालकराम ने पीड़िता को जबरदस्ती खेत की ओर खींच लिया। भाई इसका विरोध किया तो राहुल ने उसे रोक लिया। उसकी पिटाई कर उसे बांध दिया गया। इसके बाद तीनों ने खेत में बने टपरे में पीड़िता के साथ बारी-बारी से दुष्कर्म किया और जान से मारने की धमकी दी।
पीड़िता ने घटना के छह दिन बाद, 29 अगस्त 2022 को चिचोली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने अपराध दर्ज कर 28 अक्टूबर 2022 को चार्जशीट न्यायालय में पेश किया।
अदालत ने सबूतों के आधार पर सालकराम बटके, कालेसिंह उर्फ कालिया मर्सकोले और राहुल मर्सकोले को दोषी पाया तथा उन्हें धारा 376(डी) के तहत 20-20 वर्ष का कठोर कारावास और धारा 506(2) के तहत 7-7 वर्ष का कारावास एवं अर्थदंड से दंडित किया। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।
इस मामले में शासन पक्ष की ओर से लोक अभियोजक नितिन मिश्रा एवं विशेष लोक अभियोजक गजानंद मालवीय ने पैरवी की।
