
मॉडल टाऊन श्मशानघाट के सामने वर्षों से कूड़े का डंप क्षेत्रवासियों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ था। इस डंप को हटाने के लिए स्थानीय लोगों ने लंबे समय तक जन आंदोलन चलाए और विभिन्न कॉलोनियों के प्रतिनिधियों ने मिलकर एक ज्वाइंट एक्शन कमेटी का गठन किया। इस कमेटी ने डंप बंद करवाने के लिए कड़ा संघर्ष किया, जिसमें कई दिनों तक भूख हड़ताल भी शामिल रही।
नगर निगम चुनाव से पहले नगर निगम ने कमेटी की मांग मानते हुए मॉडल टाऊन डंप को बंद करवाया। ज्वाइंट एक्शन कमेटी ने डम्प के खिलाफ एन.जी.टी. में भी केस दायर किया था। डम्प बंद होने के बाद कमेटी ने इस स्थान पर सौंदर्यीकरण और ग्रीन बेल्ट के साथ शहीद भगत सिंह की यादगार बनाने का प्रस्ताव रखा, लेकिन नगर निगम ने शुरू में इसकी अनुमति नहीं दी और शर्त रखी कि कमेटी को एन.जी.टी. में दायर केस वापस लेना होगा।
हाल ही में एन.जी.टी. की सुनवाई के दौरान ज्वाइंट एक्शन कमेटी के चेयरमैन वीरेंद्र मलिक ने केस वापस ले लिया। इसके बाद नगर निगम ने कमेटी को डंप स्थल पर सौंदर्यीकरण और शहीद भगत सिंह की यादगार बनाने की अनुमति दे दी। कमेटी ने तुरंत कार्रवाई शुरू करते हुए वहां सिविल वर्क शुरू कर दिया। आने वाले दिनों में इस स्थान पर न केवल शहीद भगत सिंह की खूबसूरत यादगार बनाई जाएगी, बल्कि पूरे क्षेत्र को हरा-भरा करने का भी प्लान है। ज्वाइंट एक्शन कमेटी के इस लंबे संघर्ष और जीत ने न केवल स्थानीय लोगों की समस्या का समाधान किया, बल्कि क्षेत्र को एक नया सौंदर्य और ऐतिहासिक महत्व भी प्रदान करेगा।

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