Logo
ब्रेकिंग
फोन नहीं उठाते सीईओ,मीडियाकर्मियों में नाराजगी,ज्ञापन सौंपा Ola Uber Ban Chandigarh: ओला-उबर के लाइसेंस रद्द होने के बाद शुरू हुई 'भारत टैक्सी', जानिए यात्रियों... Haryana News: लगातार चौथी बार देश में अव्वल रही करनाल शुगर मिल, केंद्रीय मंत्रियों ने दी प्रतिष्ठित ... NCC DG Team Selection: हरियाणा के होनहार शूटर विजयन्त ढाण्डा ने बढ़ाया राज्य का मान, देश के टॉप-12 शू... Haryana Road Mishap: नूंह सड़क हादसे में चार लोगों की मौत, पत्नी गंभीर रूप से घायल; पुलिस जांच में ज... Haryana Crime News: पानीपत में اغवा हुआ बच्चा बरामद, एक लाख में बेचने की थी डील; पुलिस ने दो को दबोच... Gurnam Singh Chaduni Mahapanchayat: धान खरीद की मांग पर अड़े किसान, हाईवे पर बीती रात; आज होगी बड़ी ... Patna Mithila Colony Incident: दानापुर में खूनी संघर्ष, शादी से पहले सिपाही भाई ने की आत्महत्या, पुल... Delhi Demolition News: शालीमार बाग मैक्स अस्पताल रोड पर देर रात चला पीला पंजा; भारी पुलिस बल तैनात, ... Monsoon Update 2026: मॉनसून की विदाई के बीच बिगड़ेगा मौसम; मध्य प्रदेश, ओडिशा और पूर्वोत्तर में भारी...
Header Ad

MLA Raman Arora के लिंक से जुड़ी 27 संपत्तियां को लेकर उठेगा पर्दा, लम्मा पिंड से परागपुर तक…

जालंधर: विजिलैंस ब्यूरो द्वारा भ्रष्टाचार के आरोप में पकड़े आप विधायक रमन अरोड़ा द्वारा 3 साल के अंतराल में कितने बड़े स्तर बेनामी संपत्तियों संबंधियों जांच करने के लिए विजिलैंस टीम द्वारा रैवेन्यू रिकॉर्ड से 27 रजिस्ट्रियों के रिकॉर्ड लिया गया, जिनका कनैक्शन विधायक रमन अरोड़ा के साथ हो सकता है। इन रजिस्ट्रियों में तो सिर्फ 13 रजिस्ट्रियां तो लम्मा पिंड चौक के एक नामी कॉलोनाइजर के नाम पर ही हुई हैं।

विजिलैंस के मुताबिक इन 27 रजिस्ट्रियां जोकि रैवेन्यू रिकॉर्ड से ली गई हैं, उसके मुताबिक परागपुर इलाके की सबसे ज्यादा जमीन में पैसे इन्वैस्ट किए हो सकते हैं। विजिलैंस के मुताबिक इन प्रॉपर्टियों के खरीदार पूर्व कांग्रेसी पार्षद, लम्मा पिंड चौक का नामी कॉलोनाइज़र, पीर बोदला स्थित विधायक के रिश्तेदार और उनकी रियल इस्टेट कंपनी के नाम पर निकले हैं। अब विजिलैंस उनको भी जांच में शामिल करेगी।

सूत्रों की मानें तो विजिलैंस द्वारा कुल 27 संपत्तियों को रिकॉर्ड रैवेन्यू डिपार्टमैंट से लिया गया, जहां 13 संपत्तियों की रजिस्ट्री की कॉपी सीधा सब रजिस्ट्रार दफ्तर से ली गई व बाकी 14 संपत्तियों बारे जानकारी रिकॉर्ड रूप से ली गई थी। विजिलैंस ने विभाग द्वारा उक्त रजिस्ट्रियों का रिकॉर्ड लेकर विधायक रमन अरोड़ा से काफी लंबी पूछताछ हुई। हैरानी वाली बात सारी रजिस्ट्रियां किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर मिली हैं, जिस कारण विजिलैंस अफसर को जांच में समय लग रहा है कि कहीं उक्त सारे लोगों का विधायक रमन अरोड़ा के साथ लिंक तो नहीं है।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.