
बैतूल |धनतेरस का पर्व आज शुक्रवार, 6 नवंबर को मनाया जा रहा है। इसे धनत्रयोदशी के नाम से भी जाना जाता है। यह दीपावली के पांच दिवसीय पर्व की शुरुआत का प्रतीक है। इस अवसर पर लोग मां लक्ष्मी, भगवान कुबेर और भगवान धन्वंतरि की पूजा-अर्चना करते हैं। वहीं, सोना-चांदी, सिक्के और नए बर्तन खरीदने की भी परंपरा है।
आज सुबह शुरू हुई त्रयोदशी तिथि
पंचांग के अनुसार धनतेरस पर त्रयोदशी तिथि 6 नवंबर को सुबह लगभग 10:30 बजे शुरू हो रही है, जो 7 नवंबर की सुबह लगभग 10:47 बजे तक रहेगी। तिथि के अगले दिन तक रहने के बावजूद प्रदोष काल में त्रयोदशी होने के कारण धनतेरस का मुख्य पर्व 6 नवंबर को मनाया जा रहा है।
सोना-चांदी खरीदने की परंपरा
धनतेरस पर सोने-चांदी के आभूषण, सिक्के और पीतल, तांबे या स्टील के बर्तन खरीदना शुभ माना जाता है। कई परिवार इस दिन वाहन, इलेक्ट्रॉनिक सामान और घर की जरूरत की नई वस्तुएं भी खरीदते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन नई वस्तुएं खरीदना सुख-समृद्धि का प्रतीक माना जाता है।
सोना-चांदी खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान:
- सोने के आभूषण खरीदते समय BIS हॉलमार्क और छह अंकों का HUID नंबर जांचें।
- सोने का वजन, शुद्धता और मेकिंग चार्ज की जानकारी लें।
- चांदी की वस्तु खरीदते समय उसकी शुद्धता और वजन की पुष्टि करें।
- खरीदारी के बाद पक्का बिल जरूर लें।
भगवान धन्वंतरि की पूजा का महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार समुद्र मंथन के दौरान भगवान धन्वंतरि अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे। उन्हें आयुर्वेद और आरोग्य का देवता माना जाता है। धनतेरस पर उनकी पूजा कर लोग परिवार के अच्छे स्वास्थ्य और खुशहाली की कामना करते हैं।
मां लक्ष्मी और भगवान कुबेर की आराधना
धनतेरस की शाम घरों और प्रतिष्ठानों में दीपक जलाकर मां लक्ष्मी और भगवान कुबेर की पूजा की जाती है। मान्यता है कि उनकी आराधना से घर में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहती है। पूजा का सटीक समय शहर के स्थानीय पंचांग के अनुसार देखना चाहिए।
यम दीपदान की भी है परंपरा
धनतेरस पर शाम के समय घर के बाहर दीपक जलाने की परंपरा को यम दीपदान कहा जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार यह दीपदान परिवार की सुख-शांति और अकाल मृत्यु से रक्षा की कामना के लिए किया जाता है।
स्वास्थ्य और समृद्धि का संदेश देता है धनतेरस
धनतेरस केवल खरीदारी का पर्व नहीं है, बल्कि यह अच्छे स्वास्थ्य, परिवार की खुशहाली और जीवन में समृद्धि की कामना से भी जुड़ा है। इस दिन लोग अपने घरों की साफ-सफाई कर दीप जलाते हैं और दीपावली के स्वागत की तैयारियां शुरू करते हैं।
Khabaram.com की ओर से सभी पाठकों को धनतेरस की हार्दिक शुभकामनाएं।

