
जालंधर: विधायक रमन अरोड़ा के काले चिट्ठे लगातार खुल रहे हैं। अब मामला रामामंडी के वजीर एन्क्लेव से सामने आया है। यहां एक कपड़ों के शोरूम मालिक ने शोरूम बड़ा करने की प्लानिंग की थी लेकिन इलाका रिहायशी होने के कारण नगर निगम से अनुमति मिलना संभव नहीं था। शोरूम मालिक ने विधायक रमन अरोड़ा से बात की तो उसने शोरूम मालिक की पीठ थपथपाई और 12 लाख रुपए फीस अदा करके बहूमंजली शोरूम की इमारत खड़ी करने की अपने लैवल पर ही अनुमति दे दी।
शोरूम मालिक को धक्का उस समय लगा जब शोरूम की इमारत खड़ी हो गई और इलाके के रहने वाले लोगों ने अवैध इमारत का विरोध करते हुए उच्च अधिकारियों को शिकायत दे दी। ऐसे में निगम ने तुरंत एक्शन लेते हुए निमार्ण कार्य बंद करवा दिया और इमरात सील कर दी। 12 लाख रुपए देने के बावजूद और इमारत पर भी लाखों रुपए खर्चा करके भी इमारत सील होने का सदमा शोरूम मालिक सहन नहीं कर पाया और हार्ट अटैक आने से उसकी मौत हो गई। शोरूम मालिक को दो बच्चियां हैं। मामला करीब डेढ माह पुराना ही है। दरअसल अब्रोड 79 नाम के शोरूम मालिक का काम काफी चल पड़ा था लेकिन जगह कम पड़ने लगी थी। ऐसे में उसने बड़ा शोरूम खोलने की प्लानिंग की थी। विधायक रमन अरोड़ा को उसने कहा भी कि नगर निगम इमारत का नक्शा पास नहीं होने देगी क्योंकि जिस जगह पर वह शोरूम खोलना चाहता है वह रिहायशी इलाका है।
सत्ता के नशे और पैसों के लालच ने रमन अरोड़ा को आगे पीछे कुछ नहीं दिखा। अरोड़ा ने भरोसा दिया कि कोई भी निगम की टीम उसके यहां नहीं आएगी चाहे जितनी मर्जी बड़ी इमारत खड़ी कर ले। इसके बदले रमन अरोड़ा ने 12 लाख रुपए कैश मांगे। शोरूम मालिक ने भी भरोसा करके रमन अरोड़ा को 12 लाख रुपए दे दिए जिसमें से आप के एक पार्षद को 2 लाख रुपए दिए गए। वही पार्षद शोरूम मालिक को विधायक की पंचायत में मिलाने के लिए आया था। मालिक ने दीवारे खड़ी करने के बाद लैंटर तक डाल दिए परंतु स्थानीय लोगों ने इसका विरोध शुरू कर दिया। शिकायत होने पर निगम की टीम ने पहले तो इमारत का काम रुकवाया और बाद में इमारत को सील करके अपना बोर्ड लगा दिया। शोरूम मालिक को इस बात का इतना धक्का लगा कि टैंशन में उसकी हार्ट अटैक के कारण मौत हो गई। ऐसे कई मामले में जिसमें विधायक रमन अरोड़ा ने शहर के लोगों के साथ सरेआम धक्का किया और वह भी जल्द उजागर किए जाएंगे।
मकसूदां सब्जी मंडी नजदीक एन.आर.आई. की जमीन पर करवा दिया था अवैध कब्जा
विधायक रमन अरोड़ा ने किसी समय उसके खास हुआ करते एक नेता से एन.आर.आई. की जमीन पर कब्जा करवा दिया था। मामला दो साल पुराना है। इस नेता ने पहले तो वहां छोटा शैड डाला और बाद में शैड की लंबाई बढ़ती चली गई। एन.आर.आई. की इस बारे कोई जानकारी तक नहीं है क्योंकि लंबे समय से वह भारत लौटा ही नहीं। बताया जा रहा है कि इस नेता ने मिलीभुगत से उस जमीन के दस्तावेज भी तैयार भी कर लिए हैं।

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