
Betul– 71 वर्षीय रिटायर डॉक्टर पर 2021 से 2025 तक महिला के साथ दुष्कर्म के आरोप; कोर्ट ने कहा- आरोपी का पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड नहीं, उम्र 71 साल और शिकायत कथित अंतिम घटना के करीब 8 महीने बाद दर्ज हुई
बैतूल। दुष्कर्म के केस में फंसे बैतूल के प्रसिद्ध हृदय रोग विशेषज्ञ और रिटायर डॉक्टर डॉ. ओपी माहौर को कोर्ट ने अग्रिम जमानत दे दी है। प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश बैतूल की अदालत ने मामले के तथ्यों और परिस्थितियों को देखते हुए उन्हें राहत दी। कोर्ट ने 50 हजार रुपए की सक्षम प्रतिभूति और इतनी ही राशि के व्यक्तिगत बंधपत्र पर अग्रिम जमानत मंजूर की है।
डॉ. माहौर के खिलाफ कोतवाली बैतूल में अपराध क्रमांक 635/2026 दर्ज है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 64(2)(एम) और 351(3) के तहत केस दर्ज किया है। मामले में पुलिस की विवेचना जारी है।
महिला का आरोप- 2021 से 2025 तक कई बार किया दुष्कर्म
पुलिस केस डायरी के अनुसार 35 वर्षीय महिला ने 28 जुलाई 2026 को कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई थी। महिला ने आरोप लगाया कि वह वर्ष 2021 से 2025 तक डॉ. माहौर के क्लिनिक में काम करती थी। इसी दौरान डॉक्टर ने उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया। महिला ने आरोप लगाया कि डॉक्टर ने घटना का वीडियो बनाने और उसे वायरल करने की धमकी भी दी।
महिला के मुताबिक, वह डर के कारण लंबे समय तक घटना के बारे में किसी को नहीं बता सकी। शिकायत में 2025 में हुई कथित अंतिम घटना के बाद उसके क्लिनिक छोड़ने और मई 2026 में शादी होने का भी उल्लेख है।
डॉक्टर का पक्ष- पैसों के विवाद के बाद झूठा फंसाया
अग्रिम जमानत आवेदन में डॉ. माहौर की ओर से आरोपों को गलत बताया गया। बचाव पक्ष ने कहा कि महिला उनके क्लिनिक में काम करती थी और मरीजों से होने वाले पैसों के लेन-देन का काम भी देखती थी। पैसों के लेन-देन में गड़बड़ी सामने आने के बाद उसे काम से हटा दिया गया था। बचाव पक्ष का दावा है कि इसी विवाद के चलते महिला ने डॉक्टर को ब्लैकमेल किया और झूठी शिकायत दर्ज कराई।
कोर्ट ने इन बिंदुओं को माना अहम
अदालत ने केस डायरी के अवलोकन में पाया कि महिला ने कथित अंतिम घटना के करीब 8 महीने बाद शिकायत दर्ज कराई। कोर्ट ने यह भी दर्ज किया कि महिला ने डॉक्टर के क्लिनिक में काम करने के दौरान कोई शिकायत नहीं की थी। आरोपी की उम्र 71 वर्ष है और पुलिस रिपोर्ट में उसका कोई पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड नहीं बताया गया है। अदालत ने यह भी माना कि आरोपी स्थानीय निवासी है और उसके फरार होने की संभावना स्पष्ट नहीं होती।
इन परिस्थितियों को देखते हुए कोर्ट ने डॉ. ओपी माहौर को अग्रिम जमानत देना उचित माना। जमानत के साथ कोर्ट ने शर्त रखी है कि आरोपी पुलिस की पूछताछ में सहयोग करेगा, बुलाए जाने पर उपस्थित होगा और मामले से जुड़े किसी व्यक्ति को प्रभावित या धमकाने का प्रयास नहीं करेगा। कोर्ट की अनुमति के बिना वह भारत से बाहर भी नहीं जा सकेगा।
