
बैतूल के खेड़ीसावलीगढ़ के पास भैंसदेही विकासखंड के ग्राम पंचायत दादूढाना में दीपावली की खुशियां मातम में बदल गईं। गांव के सोहन कवडे के इकलौते बेटे कृष्णा कवडे की कन्याकुमारी जिले के पलायम पट्टी क्षेत्र में सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। हादसे के तीन दिन बाद आज सुबह जब शव गांव पहुंचा, तो पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई।
कृष्णा अपने साथियों के साथ जय सुंदर एलुमिनियम कंपनी में मजदूरी करने कन्याकुमारी गया था। दीपावली पर घर लौटने की तैयारी में था, लेकिन इससे पहले ही किस्मत ने क्रूर मज़ाक कर दिया।
शव के गांव पहुंचते ही परिवार में कोहराम मच गया। पिता सोहन कवडे बेसुध हो गए, जबकि मां—जो पहले से ही पैरालिसिस की मरीज हैं—अपने बेटे का चेहरा देखकर विलाप करने लगीं। ग्रामीणों की आंखें भी नम हो गईं।
गांव के लोग कहते हैं कि कृष्णा मेहनती और हंसमुख युवक था। कुछ ही महीनों में उसने काम सीख लिया था और दीपावली के बाद घर लौटकर परिवार के साथ रहना चाहता था। लेकिन विधि के विधान ने पिता की इकलौती संतान को ही छीन लिया।
दीपों के त्योहार पर इस परिवार का दीप सदा के लिए बुझ गया।
