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देश में सबसे अधिक इस राज्य में आत्महत्या कर रहे किसान, राकेश टिकैत ने सरकार पर बोला हमला

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देश में सबसे अधिक किसान आत्महत्याएं महाराष्ट्र के विदर्भ में हो रही हैं. केवल पिछले 8 महीनों में ही किसानों की 1500 से अधिक आत्महत्याएं दर्ज की गई हैं. किसान नेताओं का आरोप है कि यह स्थिति राज्य सरकार की गलत नीतियों का परिणाम है।

इसी पृष्ठभूमि में अमरावती में कपास अध्ययनक व कृषि विशेषज्ञ संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया. इस संवाद में भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत, कृषि विश्लेषक अशोक ढवळे, किसान नेता अजित नवले और राजन क्षीरसागर सहित राज्यभर के किसान नेता शामिल हुए। कार्यक्रम में किसानों की समस्याओं पर चर्चा करते हुए भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने गंभीर आरोप लगाया।

किसानों की जमीन उद्योगपतियों को सौंपना चाहती है सरकार

राकेश टिकैत ने कहा, राज्य सरकार को किसानों की जमीन खरीदनी है, इसलिए किसानों की फसल को उचित दाम नहीं मिल रहे हैं। सरकार जानबूझकर किसानों को बर्बाद करना चाहती है और उनकी जमीन बड़े उद्योगपतियों को सौंपने की योजना बना रही है। किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि अगर हालात नहीं सुधरे तो आगामी दिनों में विदर्भ में किसानों के लिए बड़ा आंदोलन खड़ा किया जाएगा।

अधिकारियों के सामने ही कुंए में कूदकर की आत्महत्या

पिछले दिनों महाराष्ट्र के मराठवाड़ा रीजन के छत्रपति संभाजीनगर जिले के पैठण तहसील में खादगांव में एक दर्दनाक घटना सामने आई। खेत में सड़क निर्माण का पानी जाने की शिकायत की जांच करने पहुंचे अधिकारियों की धमकी और अपमान से आहत होकर एक किसान ने मौके पर ही कुएं में कूदकर आत्महत्या कर ली। मृतक किसान की पहचान 45 वर्षीय संजय शेषराव कोहकडे के रूप में हुई है.

एफआईआर दर्ज होने पर किया शव का अंतिम संस्कार

परिजनों और ग्रामीणों ने अधिकारी और सड़क ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने तक शव का अंतिम संस्कार करने से इंकार कर ग्रामीण अस्पताल के बाहर धरना दिया. बाद में पुलिस ने आश्वासन दिया कि मुकदमा दर्ज किया जाएगा, जिसके बाद परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया. वहीं इस मामले में मृतक की पत्नी ने अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं. मृतक की पत्नी ने एक महिला अधिकारी पर आरोप लगाते हुए उसकी गिरफ्तारी की मांग की है।

विधायक ने परिवार को हरसंभव मदद का आश्वासन

घटना की जानकारी मिलने के बाद पैठण के विधायक विलास भुमरे ने मृतक किसान के परिवार से मुलाकात की और हरसंभव मदद का आश्वासन दिया. उन्होंने कहा कि कल ये जो घटना हुई इसमे परिवार के सदस्यों से में सरकार की तरफ से मिलने आया. इस मामले में जो भी दोषी होंगे उनके खिलाफ कानूनी कार्यवाही की जाएगी.

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