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खुल गए बद्रीनाथ धाम के कपाट, CM धामी ने की पूजा; श्रद्धालुओं पर की गई पुष्प वर्षा

उत्तराखंड के चार धाम केदरानाथ, बद्रीनाथ, यमुनेत्री और गंगोत्री की यात्रा बहुत ही महत्वपूर्ण मानी जाती है. हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु उत्तराखंड के चारो धामों की यात्रा करते हैं. यमुनोत्री, गंगोत्री और केदारनाथ धाम के कपाट खोले जा चुके हैं. आज बद्रीनाथ धाम के कपाट खोल दिए गए. धाम के कपाट वैदिक मंत्रोच्चारण और जय बद्री विशाल के उदघोष के साथ विधि-विधान से आज सुबह 6 बजे खोले गए.

अब श्रद्धालु बद्रीनाथ धाम में दर्शन कर सकेंगे. बताया जा रहा है कि 1000 से ज्यादा श्रद्धालु बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलने के साक्षी बने. इस अवसर पर भारतीय सेना की गढ़वाल राइफल्स ने बैंड द्वारा भक्ति धुनें सुनाईं. श्री बद्रीनाथ धाम के कपाट आज श्रद्धालुओं के लिए खुलते ही उन पर पुष्प वर्षा की गई. बद्रीनाथ धाम को 40 क्विंटल फूलों से सजाया गया है. इस मौके पर प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी मौजूद रहे. सीएम पुष्कर सिंह धामी ने श्री बद्रीनाथ धाम में पूजा-अर्चना की. सीएम धामी ने यहां स्थानीय लोगों से भी बातचीत की.

सीएम पुष्कर सिंह धामी ने क्या कहा?

वहीं मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा, “आज का दिन बहुत ही शुभ है. मैं उत्तराखंड आने वाले सभी श्रद्धालुओं का स्वागत करता हूं. मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि सभी की यात्रा सुखद हो. सभी व्यवस्थाएं कर ली गई हैं. चारधाम यात्रा थोड़ी कठिन है, लेकिन उसके बावजूद भी प्रयास किए गए हैं कि यात्रा में कम से कम कठिनाई हो और यात्रा सुरक्षित हो. इसके लिए सभी विभागों की समीक्षा की गई है और आगे भी समीक्षा की जा रही है.

नवंबर तक खुला रहता है बद्रीनाथ धाम

बता दें कि बड़ी संख्या में श्रद्धालु बद्री विशाल के दर्शन के लिए पहुंचे हैं. श्रद्धालुओं ने बताया कि इस बार यात्रा के लिए बेहतर इंतजाम किए गए हैं. सड़क मार्ग भी सुगम है. गौरतलब है कि बद्रीनाथ धाम मई से नवंबर तक तीर्थयात्रियों के लिए खुला रहता है. शीतकाल में मंदिर बंद रहता है. उस समय भगवान की पूजा जोशीमठ के नरसिंह मंदिर में की जाती है.

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