
आगरा से एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है, जहां डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के एक छात्र ने अपनी मार्कशीट सही कराने के लिए भगवान राम को पत्र लिखा है. छात्र ने पत्र में लिखा की विश्वविद्यालय के अधिकारी और कर्मचारी हमारी समस्या का समाधान नहीं कर रहे हैं. ऐसे में आपका ही सहारा है. इसलिए भगवान हमने आपसे गुहार लगाई है. आप तो सभी पीड़ित, दुखियों का सहारा हैं. अब हमारी भी मदद कीजिए.
आगरा के चक्कीपाट के रहने वाले आशीष प्रिंस ने डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय से एमए योगा के छात्र हैं. उन्होंने भगवान राम को पत्र लिखकर अपना दर्द बताया है. उन्होंने पत्र को अयोध्या में भगवान श्रीराम के मंदिर को भेजा है. आशीष ने 2022-24 में एमए योगा का कोर्स किया था लेकिन उनकी मार्कशीट में कुछ गलतियां हैं जिन्हें सही कराने के लिए वो चक्कर लगा रहे हैं.
आशीष ने कहा कि आंबेडकर विश्वविद्यालय के छलेसर कैंपस में योगा का कोर्स संचालित है. हमारा कोर्स साल 2024 में पूरा हो चुका है. वहीं द्वितीय, तृतीय और चतुर्थ सेमेस्टर की मार्कशीट गलत प्रिंट कर दी गई है और वहीं गलत प्रिंट मार्कशीट को वेबसाइट पर भी अपलोड कर दिया गया है.
मार्कशीट पर गलत नंबर
पीड़ित छात्र ने बताया कि गलत मार्कशीट को सही कराने के लिए नवंबर से चक्कर काट रहे हैं. लेकिन परीक्षा निंयत्रक से लेकर विश्वविद्यालय के किसी भी अधिकारी ने हमारी समस्या को नहीं सुना, और नहीं समाधान किया. उन्होंने कहा कि राज्यपाल से शिकायत करने के बाद मार्कशीट तो दे दी है लेकिन उसमें गलत नंबर चढ़े हैं. जिसमें कोई संशोधन नहीं किया गया है.
सैकड़ों छात्र परेशान
जानकारी के मुताबिक ये मामला केवल अशीष प्रिंस का नहीं है, बल्कि विश्वविद्यालय के ऐसे सैकड़ों छात्र हैं जो अपनी मार्कशीट और डिग्री के लिए भटक रहे हैं. इनमें कई छात्र- छात्राएं दूरदराज रहने वाले भी हैं जो अपने अभिभावकों के साथ डिग्री के लिए चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.