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फ्लश करते ही कैसे हुआ टॉयलेट शीट में ब्लास्ट? IIT की स्पेशल टीम लगाएगी पता

उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में शनिवार को एक बेहद चौंका देने वाली घटना हुई. यहां एक घर में वेस्टर्न टॉयलेट सीट में जोरदार धमाका हुआ, जिससे टॉयलेट सीट फट गई. ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अधिकारी इसे समान्य घटना नहीं मान रहे हैं. अब अधिकारियों ने इस धमाके की जांच आईआईटी के विशेषज्ञों से कराने का फैसला किया है.

दरअसल अधिकारिकयों ने जांच की, लेकिन उनकी जांच में एक भी बिंदू ऐसा नहीं मिला, जिससे इस तरह का विस्पोट मुमकिन हो सके. अधिकारियों का दावा है कि उन्होंने अपनी पाइपलाइन को चेक किया है. पाइपलाइन में कहीं कोई गड़बड़ी नहीं मिली है. अधिकारियों ने कहा कि वैंट पाइप भी लगा हुआ था, जिससे की बाथरूम से गैस बाहर निकल सके. ऐसे में विस्पोट संभव ही नहीं हो सकता. अगर विस्पोट की वजह मिथेन गैस है, तो विस्पोट आसपास के घरों में भी होता. ऐसे में आईआईटी विशेषज्ञों से जांच कराएंगे.

पीड़ित परिवार ने क्या बताया

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के वरिष्ठ प्रबंधक एपी वर्मा ने कहा कि टीम द्वारा पाइप लाइन की जांच की गई. कहीं कोई कमी नहीं पाई गई. सीवर भी ओवरफ्लो नहीं मिले, जिससे मिथेन गैस ज्यादा मात्रा में बन सके. वहीं पीड़ित परिवार ने बताया कि जब टॉइलेट का फ्लश दबाया तो मीथेन गैस निकली. गैस का संपर्क बाथरूम के पास लगे एसी के कंप्रेसर यूनिट से हुआ और ये धमाका हो गया. पीड़ित परिवार ने बताया कि लोगों ने उनकी गली में सीवर के ढक्कन रैंप के नीचे दबा दिए हैं. इसके चलते गैस नहीं पास होती.

फ्लश चलाने पर हुआ विस्फोट

बता दें कि किसान नेता और आरडब्ल्यूए के पदाधिकारी सुनील प्रधान का बेटा आशु (20) शनिवार दोपहर को बाथरूम गया. शौच करने के बाद उसने जैसे ही फ्लश चलाया, वेस्टर्न टॉयलेट सीट में धमाका हो गया और वो फट गई. इसके बाद वहां आग लग गई. धमाके में आशु झुलस गया. आशू की चीख सुनकर परिवार के अन्य सदस्य पहुंचे. फिर उसको जिम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया. डाक्टरों ने कहा है कि अभी उसे स्वस्थ्य होने में समय लगेगा.

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